समस्तीपुर में कार्रवाई के नाम पर पीड़ित से जमादार की ओर से रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। रिश्वत लेने का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने कार्रवाई करते हुए जमादार को सस्पेंड कर दिया है। आरोपी जमादार की पहचान रोसड़ा थाने में पदस्थापित योगेश्वर साह के रूप में हुई थी। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में योगेश्वर साह 5 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा है। एक दिन पूर्व ही मुसरीघरारी थाने में पदस्थापित दारोगा बीके सिंह को शराब का सेवन करने के आरोप में एसपी ने निलंबित किया था। डीएसपी की रिपोर्ट के बाद एसपी ने की कार्रवाई एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था। वायरल वीडियो विभिन्न माध्यम से उनके पास भी पहुंचा था। वीडियो तीन-चार दिन पुराना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में रोसड़ा के डीएसपी संजय सिन्हा को वीडियो का सत्यापन कर जांच रिपोंर्ट देने को कहा गया था। इस मामले में रोसड़ा के डीएसपी ने अपनी जांच रिपोर्ट दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जमादार को दोषी पाया गया है। जिसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। केस में कार्रवाई के नाम पर पीड़ित से मांग रहा था रुपए पुलिस सूत्रों ने बताया कि जमादार पीड़ित के बुलावे पर उसके दुकान पर पहुंचे थे। जहां पर पीड़ित की ओर से कुछ राशि दी जाती है, जबकि जमादार 10 हजार रुपए और देने की मांग कर रहा है। जिस पर पीड़ित द्वारा अभी इसे रखिए और पैसा का व्यवस्था पर देने की बात की जाती है। इसी दौरान जमादार रुपए गिनते हुए दिख रहे है और रूपए गिनने के बाद अपने टी-शार्ट की जेब में रख रहे हैं। इसी दौरान पीड़ित द्वारा गुप्त कैमरा से वीडियो बना लिया गया जो वायरल हो रहा है।
समस्तीपुर में कार्रवाई के नाम पर जमादार ने ली रिश्वत:वीडियो सामने आने के बाद एसपी ने किया निलंबित, पीड़ित से मांगे थे 10 हजार रुपए
समस्तीपुर में कार्रवाई के नाम पर पीड़ित से जमादार की ओर से रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। रिश्वत लेने का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने कार्रवाई करते हुए जमादार को सस्पेंड कर दिया है। आरोपी जमादार की पहचान रोसड़ा थाने में पदस्थापित योगेश्वर साह के रूप में हुई थी। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में योगेश्वर साह 5 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा है। एक दिन पूर्व ही मुसरीघरारी थाने में पदस्थापित दारोगा बीके सिंह को शराब का सेवन करने के आरोप में एसपी ने निलंबित किया था। डीएसपी की रिपोर्ट के बाद एसपी ने की कार्रवाई एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था। वायरल वीडियो विभिन्न माध्यम से उनके पास भी पहुंचा था। वीडियो तीन-चार दिन पुराना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में रोसड़ा के डीएसपी संजय सिन्हा को वीडियो का सत्यापन कर जांच रिपोंर्ट देने को कहा गया था। इस मामले में रोसड़ा के डीएसपी ने अपनी जांच रिपोर्ट दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जमादार को दोषी पाया गया है। जिसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। केस में कार्रवाई के नाम पर पीड़ित से मांग रहा था रुपए पुलिस सूत्रों ने बताया कि जमादार पीड़ित के बुलावे पर उसके दुकान पर पहुंचे थे। जहां पर पीड़ित की ओर से कुछ राशि दी जाती है, जबकि जमादार 10 हजार रुपए और देने की मांग कर रहा है। जिस पर पीड़ित द्वारा अभी इसे रखिए और पैसा का व्यवस्था पर देने की बात की जाती है। इसी दौरान जमादार रुपए गिनते हुए दिख रहे है और रूपए गिनने के बाद अपने टी-शार्ट की जेब में रख रहे हैं। इसी दौरान पीड़ित द्वारा गुप्त कैमरा से वीडियो बना लिया गया जो वायरल हो रहा है।

