सीतामढ़ी पुलिस विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एसपी अमित रंजन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशिक्षु सिपाहियों के आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप में पुलिस केंद्र के दो मुंशी (अकाउंटेंट) अवधेश पासवान और गुड्डू कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, यह मामला हाल ही में प्रशिक्षु सिपाहियों के अभिलेखों और चरित्र सत्यापन से संबंधित दस्तावेजों की जांच के दौरान सामने आया। जांच में गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुईं, जिसमें पाया गया कि दो प्रशिक्षु सिपाहियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी विभागीय रिकॉर्ड में ठीक से दर्ज नहीं की गई थी। सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई आरोप है कि संबंधित जानकारी को जानबूझकर छिपाया गया, जिससे सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई। मामले की जानकारी मिलते ही एसपी अमित रंजन ने इसे गंभीरता से लिया। प्रारंभिक जांच के आधार पर उन्होंने पुलिस केंद्र के दोनों मुंशियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। एसपी ने जोर देकर कहा कि पुलिस सेवा में नियुक्ति और प्रशिक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या तथ्यों को छिपाना गंभीर अपराध है, जो विभाग की विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
सीतामढ़ी में 2 अकाउंटेंट सस्पेंड:प्रशिक्षु सिपाहियों के क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाने पर SP का एक्शन
सीतामढ़ी पुलिस विभाग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एसपी अमित रंजन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशिक्षु सिपाहियों के आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप में पुलिस केंद्र के दो मुंशी (अकाउंटेंट) अवधेश पासवान और गुड्डू कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, यह मामला हाल ही में प्रशिक्षु सिपाहियों के अभिलेखों और चरित्र सत्यापन से संबंधित दस्तावेजों की जांच के दौरान सामने आया। जांच में गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुईं, जिसमें पाया गया कि दो प्रशिक्षु सिपाहियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी विभागीय रिकॉर्ड में ठीक से दर्ज नहीं की गई थी। सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई आरोप है कि संबंधित जानकारी को जानबूझकर छिपाया गया, जिससे सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हुई। मामले की जानकारी मिलते ही एसपी अमित रंजन ने इसे गंभीरता से लिया। प्रारंभिक जांच के आधार पर उन्होंने पुलिस केंद्र के दोनों मुंशियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। एसपी ने जोर देकर कहा कि पुलिस सेवा में नियुक्ति और प्रशिक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या तथ्यों को छिपाना गंभीर अपराध है, जो विभाग की विश्वसनीयता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।


