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सुपौल में त्रिवेणीगंज के चर्चित रौशन पंडित हत्याकांड को लेकर बुधवार को कुम्हार समाज के बैनर तले बिना प्रशासनिक अनुमति के विरोध मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। करीब डेढ़ घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने डीएम और एसपी से मिलकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग रखी। प्रशासन ने मार्च की अनुमति नहीं दी थी। संयोग से बुधवार को जिले में कई मंत्रियों का कार्यक्रम भी निर्धारित था। इसे देखते हुए लोहिया चौक से कलेक्ट्रेट तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मार्ग पर जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी तथा भारी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। व्यापार संघ भवन के पास से अचानक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए। इसके बाद वे कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगे। लोहिया नगर चौक पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ देर के लिए इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट गेट तक पहुंच गए। यहां भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों ने बातचीत का रास्ता अपनाया। इसके बाद प्रशासन ने रौशन पंडित की पत्नी, उनके दोनों पुत्रों समेत आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को डीएम और एसपी से मिलने की अनुमति दी। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए हत्याकांड के सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। अधिकारियों ने मामले में विधिसम्मत कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात रहा तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी गई।

