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किन्नौर में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में रामपुर बुशहर स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की फास्ट ट्रैक POCSO/रेप कोर्ट ने दो दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर अलग-अलग धाराओं में जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला 26 सितंबर 2026 को सुनाया गया। पुलिस के अनुसार मामले में तबरेज आलम उर्फ बिराज (26) निवासी दरबिया जिला पश्चिमी चंपारण बिहार और लखिंदर उर्फ लक्की (24) निवासी ग्रांगे निचार जिला किन्नौर को दोषी ठहराया गया। यह मामला 27 सितंबर 2025 को भावानगर थाना में रजिस्टर हुआ था। 20 नवंबर 2025 को रजिस्टर हुआ था केस पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 70 के तहत सामूहिक दुष्कर्म, धारा 87 के तहत महिला के अपहरण/बहला-फुसलाकर शादी या अवैध संबंध के लिए मजबूर करने तथा धारा 351(2) के तहत आपराधिक धमकी के आरोप थे। मामले की जांच एएसआई हेमराज ने की थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 20 नवंबर 2025 को अदालत में चालान पेश किया। इन धाराओं के तहत सजा अदालत ने BNS की धारा 70(1) सहपठित धारा 3(5) के तहत प्रत्येक दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 87 सहपठित धारा 3(5) में 5 साल का कठोर कारावास और 2 हजार रुपए जुर्माना, जबकि धारा 351(2) सहपठित धारा 3(5) में 2 साल का कठोर कारावास और 2 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अदालत के आदेश के अनुसार अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने सभी कारावास की सजाओं को एक साथ चलाने का आदेश दिया है। इसलिए प्रभावी सजा 20 साल का कठोर कारावास होगी। पुलिस मुख्यालय ने कहा कि मामले में जांच टीम के लगातार प्रयासों और अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पेश किए जाने के परिणामस्वरूप दोषसिद्धि हुई है।
हिमाचल में दो गैंगरेप दोषियों को 20-20 साल की सजा:रामपुर बुशहर की फास्ट ट्रैक का फैसला; एक आरोपी किन्नौर, दूसरा बिहार का रहने वाला
