कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विश्व दुग्ध दिवस पर झारखंड दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्य सरकार इसके लिए निरंतर प्रभावी, दूरदर्शी व किसान-केंद्रित पहल कर रही है। सीमित समय में झारखंड मिल्क फेडरेशन (जेएमएफ) ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जो किसानों की मेहनत और सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का परिणाम है। डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार जेएमएफ से जुड़े किसानों को ₹5 प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण इस क्षेत्र से जुड़ रहे हैं। वर्तमान में जेएमएफ से 70 हजार से अधिक किसान जुड़ चुके हैं और उनके सहयोग से दुग्ध संग्रहण में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जहां औसत दुग्ध संग्रहण 2 लाख 40 हजार किलोग्राम प्रतिदिन था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर 2 लाख 80 हजार किलोग्राम प्रतिदिन हो गया है। सरकार ने अब वित्तीय वर्ष 2028-29 तक इस दुग्ध संग्रहण को बढ़ाकर 5 लाख किलोग्राम प्रतिदिन पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दुग्ध प्रसंस्करण अवसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिसके तहत गिरिडीह और सरायकेला-खरसावां जिलों में दो नए डेयरी संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, होटवार (रांची) में अत्याधुनिक मिल्क पाउडर प्लांट और प्रोडक्ट डेयरी प्लांट की स्थापना की जा रही है। इन परियोजनाओं से प्रसंस्करण क्षमता बढ़ेगी, किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित होगी।
होटवार में अत्याधुनिक मिल्क पाउडर प्लांट की स्थापना से िकसानों की आय बढ़ेगी : कृषि मंत्री
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने विश्व दुग्ध दिवस पर झारखंड दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्य सरकार इसके लिए निरंतर प्रभावी, दूरदर्शी व किसान-केंद्रित पहल कर रही है। सीमित समय में झारखंड मिल्क फेडरेशन (जेएमएफ) ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जो किसानों की मेहनत और सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का परिणाम है। डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार जेएमएफ से जुड़े किसानों को ₹5 प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण इस क्षेत्र से जुड़ रहे हैं। वर्तमान में जेएमएफ से 70 हजार से अधिक किसान जुड़ चुके हैं और उनके सहयोग से दुग्ध संग्रहण में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जहां औसत दुग्ध संग्रहण 2 लाख 40 हजार किलोग्राम प्रतिदिन था, वहीं वर्तमान में यह बढ़कर 2 लाख 80 हजार किलोग्राम प्रतिदिन हो गया है। सरकार ने अब वित्तीय वर्ष 2028-29 तक इस दुग्ध संग्रहण को बढ़ाकर 5 लाख किलोग्राम प्रतिदिन पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दुग्ध प्रसंस्करण अवसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिसके तहत गिरिडीह और सरायकेला-खरसावां जिलों में दो नए डेयरी संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, होटवार (रांची) में अत्याधुनिक मिल्क पाउडर प्लांट और प्रोडक्ट डेयरी प्लांट की स्थापना की जा रही है। इन परियोजनाओं से प्रसंस्करण क्षमता बढ़ेगी, किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित होगी।


