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नालंदा में अपराध के जरिए संपत्ति बनाने वाले आरोपी संजय कुमार सिंह उर्फ संटु सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। आर्थिक अपराध इकाई पटना की टीम ने तेलमर पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की। आरोपी संजय कुमार सिंह के खिलाफ साल 2017 में दर्ज एक गंभीर मामले में पटना के व्यवहार न्यायालय (कोर्ट नंबर-15) से गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। इसी वारंट पर ईओयू ने स्थानीय पुलिस से सहयोग मांगा था। स्थानीय लोगों की मानें तो जब साइबर अपराध के बारे में लोग बहुत कम जानते थे, तब संजय सिंह का नाम एक बड़े और शातिर साइबर नेटवर्क से जुड़ा था। क्षेत्र में चर्चा है कि उस दौर में उसने करोड़ों रुपए की संपत्ति अर्जित की थी। अपनी काली कमाई से पटना के आदर्श नगर सहित कई स्थानों पर जमीन भी खरीदी थी। ग्रामीणों के अनुसार, उस वक्त उसकी जीवनशैली बेहद खर्चीली थी और वह अपने दोस्तों के साथ कोलकाता के बीयर बार में ऐशो-आराम की जिंदगी जीने जाता था।
संजय ने तीन भाइयों के साथ मिलकर कारोबार शुरू किया संजय के खिलाफ आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या- 08/17 के तहत धारा 419, 420, 467, 468, 471, 201 और 120(बी) भादवि जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जो सीधे तौर पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़ी हैं। समय बीतने के साथ संजय सिंह के जीवन में बड़ा बदलाव आ गया। कभी करोड़ों में खेलने वाला और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने वाला संटु सिंह वर्तमान में अपने तीनों भाइयों के साथ मिलकर ग्रिल निर्माण और बिक्री के व्यवसाय से जुड़ गया था। वह इसी कारोबार से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। लोगों को लगने लगा था कि वह पुराने मामलों से बाहर आ चुका है और उसने अपराध की दुनिया छोड़ दी है। लेकिन पुराने आर्थिक अपराध के मामले में न्यायिक प्रक्रिया थमी नहीं थी।
ईओयू की टीम को सौंप दिया गया तेलमर थाना अध्यक्ष चंद्रशेखर ने बताया कि आर्थिक अपराध इकाई की टीम वारंट लेकर आई थी। वारंट के तामिला और ईओयू के अनुरोध पर तेलमर पुलिस ने स्थानीय स्तर पर सहयोग करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए ईओयू की टीम के सुपुर्द कर दिया गया है।
