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गयाजी में सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पीसी की है। जिसमें उन्होंने कहा कि देश के लगभग 13 करोड़ वोटरों के नाम सूची से काटना और वोट चोरी कराना सीधे तौर पर भारतीय लोकतंत्र और संविधान के साथ गद्दारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री के इशारे पर चुनाव प्रणाली को दूषित किया जा रहा है। मोहन मरकाम ने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की टिप्पणियों से यह साफ हो गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद और दायित्वों का निष्पक्ष रूप से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। आयोग में इन 2 आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार किया जाना और 10 महीनों में 14 बार लिखित आपत्तियों को नजरअंदाज करना इस बात का सबूत है कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपनी मनमानी चला रहे हैं। यह तथ्य आयोग के रिकॉर्ड में दर्ज है जो बहुमत के आधार पर काम करने वाली लोकतांत्रिक संस्था की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है। वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ अभियान और देशव्यापी विरोध उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत समेत देश के विभिन्न राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर लगभग 13,000 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से चुपचाप काट दिए जाने के मामले सामने आए हैं। इसके खिलाफ देश के कई जिलों में सैकड़ों लोगों ने आत्महत्या जैसी चरम स्थितियां झेली हैं। इसे लेकर जनता में भारी गुस्सा है। इसी के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने अब वोट बचाओ लोकतंत्र बचाओ का बड़ा नारा देते हुए सड़क से लेकर संसद तक और जिला मुख्यालयों से लेकर मीडिया के मंचों तक आरपार की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के ऑब्जर्वर अब छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और असम में जाकर प्रेसवार्ता और रैलियों के माध्यम से जनता के बीच इस सच को उजागर कर रहे हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान से इस आंदोलन को और तेज किया जा रहा है। 2014 के बाद से चुनावी संस्थाओं पर एम्पायर फिक्सिंग का संदेह उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार सत्ता को अपने पक्ष में बनाए रखने के लिए पूरी चुनावी मशीनरी को हाईजैक कर लिया गया है। पार्टी का तर्क है कि जिस तरह से मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के पैनल से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को हटा कर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने खुद अपने पसंदीदा लोगों को इस पद पर बैठाया। उसी का नतीजा है कि लोकतंत्र विरोधी और अलोकतांत्रिक कृत्यों को अंजाम दिया जा रहा है। फॉर्म 6 में गैर-कानूनी बदलाव और फॉर्म 7 का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग कर गैर-भाजपा मतदाताओं के नाम छांट-छांटकर हटाए गए हैं। निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो, दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, वोटर लिस्ट से हटाए गए सभी 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम फौरन बहाल किए जाएं ताकि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता के मताधिकार की रक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि यदि लोकतंत्र को बचाने के लिए यह लड़ाई अंतिम दौर तक लड़नी पड़ी तो कांग्रेस पार्टी पीछे नहीं हटेगी।
13 करोड़ वोटरों के नाम काटना लोकतंत्र-संविधान से गद्दारी':मोहन मरकाम ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, 10 महीने में 14 बार आपत्तियां नजरअंदाज की
