
इसके बाद गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी. बड़े बेटे डीपी यादव के शरीर में करीब 20 गोलियां दागे जाने की बात मां ने बताई, जबकि छोटे बेटे की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई. कुछ ही पलों में जिस घर में दो बेटों की आवाज गूंजती थी, वहां मातम और सन्नाटा रह गया. यह वही 2003 का दोहरा हत्याकांड है, जिसका नाम अब करीब 23 साल बाद फिर सुर्खियों में है. पुलिस इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे गनौरी यादव को गिरफ्तार किया है. गनौरी यादव हाल में सामने आए नाबालिक छात्रा से बदसलूकी मामले के मुख्य आरोपित नंदन यादव के पिता हैं.
वह सुबह जब एक मां के सामने टूट गया पूरा परिवार
संसार देवी कहती हैं की वर्ष 2003 के चैत महीना का था. उस समय जमीन के एक टुकड़े पर कथित कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था. इसी विवाद को लेकर गनौरी यादव अपने साथियों के साथ मेरे घर पर पहुंचा था. सुबह का समय था और मेरा बेटा दूध दुहने का काम कर रहे थे. इसी दौरान गनौरी के साथ आए लोगों ने मेरे बेटों के साथ मारपीट शुरू कर दी. जब मैं अपने बेटों को बचाने के लिए आगे बढ़ीं तभी मुझसे खींचकर अलग कर दिया और इसके बाद मेरे बड़े बेटे डीपी यादव के शरीर में करीब 20 गोलियां दाग दीं, जबकि छोटे बेटे मोनू यादव को भी गोली मार दी गई.
देखते-ही-देखते दोनों बेटा मेरी आंखों के सामने दम तोड़ दिया. यह वारदात मेरे पूरे परिवार को तहस-नहस कर दिया. शादी को सिर्फ एक महीना में गनौरी ने उजाड़ दिया सुहाग संसार देवी बताती हैं कि बेटा डीपी यादव की शादी घटना से करीब एक महीने पहले ही हुई थी. नई-नई दुल्हन घर आई थी. परिवार में शादी की खुशियां अभी पूरी तरह थमी भी नहीं थीं कि गोलियों की आवाज ने सब कुछ खत्म कर दि की या. जिस घर में कुछ दिन पहले शहनाई बजी थी, उसी घर में मातम छा गया.
पति घर पर होते तो उन्हें भी मार देते
पुराने जख्म को याद करते हुए संसार देवी की आंखों से आज भी आंसू छलक पड़ते हैं. वह बताती हैं कि घटना के समय उनके पति दही बेचने के लिए जमुई गए हुए थे. उनका कहना है कि यदि उस समय पति भी घर पर मौजूद होते हमलावर उन्हें भी नहीं छोड़ते.
घटना के बाद आरोपितों के फरार होने की बात भी सामने आई थी.पुलिस मौके पर पहुंची और प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की. पीड़ित परिवार के अनुसार मामले में गनौरी यादव समेत कई लोगों को आरोपित बनाया गया था.
Jamui Police News: पुरानी दहशत की चर्चा के बीच फिर सामने आया गनौरी परिवार का नाम
प्रतापपुर में वर्ष 2003 की इस घटना के बाद गनौरी यादव को लेकर ग्रामीणों में दहशत की चर्चा होने की बात पीड़ित परिवार बताता है. अब छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले में उसके बेटे नंदन यादव का नाम सामने आने के बाद करीब 23 साल पुरानी वह घटना फिर चर्चा में आ गई है.
गनौरी की गिरफ्तारी से जगी न्याय की उम्मीद अब गनौरी यादव की गिरफ्तारी की खबर के बाद हमारे परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है. संसार देवी की आंखों में आज भी बेटों की हत्या का दर्द साफ दिखाई देता है. उम्र बीत गई लेकिन मां के लिए वह सुबह आज भी वहीं ठहरी हुई है. जब उसकी आंखों के सामने उसके दोनों बेटे गोलियों से छलनी होकर हमेशा के लिए उससे दूर चले गए थे.
