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रांची नगर निगम के पदाधिकारियों की लापरवाही और बकायेदारों की मनमानी से निगम का खजाना खाली पड़ा है। शहर के पुस्तक पथ, अपर बाजार, डेली मार्केट, पहाड़ी मंदिर रोड सहित अन्य स्थानों पर निगम की जमीन पर स्थित दुकानों का किराया वर्षों से बकाया है। किसी दुकानदार पर 10 लाख तो किसी पर 20 तो किसी पर 26 लाख रुपए बकाया है। प्रति माह 500 से 5000 तक किराया होने के बावजूद लाखों रुपए बकाया हो गया।
इसके बाद भी निगम ने अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं की। इसका नतीजा हुआ कि इन क्षेत्रों के 258 बकायेदारों पर 6.51 करोड़ रुपए से अधिक का किराया बकाया हो गया है। अब निगम प्रशासक सुशांत गौरव के निर्देश पर सभी 258 दुकानदारों को सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है। दुकानदारों को 31 मार्च तक बकाये का भुगतान करने को कहा गया है, नहीं तो दुकान का लाइसेंस रद्द किया जाएगा।
टैक्स कलेक्टर और दुकानदार की मिलीभगत से वर्षों से किराया बकाया नगर निगम के टैक्स कलेक्टर को अपने-अपने जोन में बकाया की वसूली करनी होती है। रोज का कलेक्शन निगम में जमा कराना होता है। लेकिन अक्सर टैक्स कलेक्टर संबंधित क्षेत्रों में सही तरीके से भ्रमण नहीं करते या दुकानदारों से मिलीभगत करके बकाया नहीं वसूलते। इसका नतीजा है कि वर्षों से सैकड़ों दुकानदारों ने किराये का भुगतान नहीं किया। जब सभी बकायेदारों का रिकॉर्ड खंगाला गया तो दुकानदारों पर 6 करोड़ से अधिक का बकाया निकला।
अवकाश में भी आज खुला रहेगा जन सुविधा केंद्र रविवार को अवकाश होने के बावजूद नगर निगम में स्थित जन सुविधा केन्द्र को खुला रहेगा। वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए सुविधा केन्द्र को खुला रखने का निर्देश दिया गया है। इस दौरान लोग अपने घर-दुकानों का होल्डिंग टैक्स, वाटर टैक्स, ट्रेड लाइसेंस शुल्क, निगम के दुकानों के किराये का भुगतान होगा।