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अररिया जिले में पहली बार एनआईसी के रेंडमाइजेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग कर 350 से अधिक सरकारी कर्मियों का बड़े पैमाने पर स्थानांतरण किया गया है। यह प्रक्रिया बुधवार को जिलाधिकारी विनोद दूहन की सीधी निगरानी में पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुई। पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि किसी भी मानवीय हस्तक्षेप की संभावना न रहे। जिला प्रशासन ने कार्यहित और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ये तबादले किए हैं। इनमें जिला पंचायत राज कार्यालय के 65 पंचायत सचिवों को एक प्रखंड से दूसरे प्रखंड में स्थानांतरित किया गया। इसके अतिरिक्त, 108 राजस्व कर्मचारियों और 28 अमीनों को भी विभिन्न अंचलों में नए पदस्थापन दिए गए हैं। 26 अन्य डाटा एंट्री ऑपरेटरों के भी तबादले किए गए आत्मा (ATMA) कार्यालय के तहत संविदा पर कार्यरत 1 प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, 13 सहायक तकनीकी प्रबंधक, 7 लेखापाल और 6 कार्यपालक सहायकों को विभिन्न प्रखंड कृषि कार्यालयों में तैनात किया गया है। मद्य निषेध कार्यालय के 4, निबंधन कार्यालयों के 28 और जिला निर्वाचन कार्यालय के 9 डाटा एंट्री ऑपरेटर तथा कार्यपालक सहायकों का स्थानांतरण भी इसी सॉफ्टवेयर के माध्यम से हुआ। विभिन्न अंचलों में 26 अन्य डाटा एंट्री ऑपरेटरों के भी तबादले किए गए हैं। कुल 56 कर्मियों का स्थानांतरण किया गया जिला आपूर्ति कार्यालय से जुड़े 3 कार्यपालक सहायकों और समाहरणालय के 2 निम्नवर्गीय लिपिकों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग में भी व्यापक फेरबदल करते हुए काउंसलर, एसटीएस, कालाजार तकनीकी पर्यवेक्षक, एफआरयू लेखापाल, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, एसटीएलएस, पैरामेडिकल वर्कर, प्रखंड अनुसरण एवं मूल्यांकन सहायक, प्रखंड लेखापाल और स्वास्थ्य प्रबंधकों सहित कुल 56 कर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तकनीक आधारित व्यवस्था का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और निष्पक्ष बनाना है। सभी स्थानांतरित कर्मियों को 2 जुलाई 2026 की अपराह्न तक अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समय तक योगदान नहीं देने पर 3 जुलाई 2026 से संबंधित कर्मी स्वतः विरमित माने जाएंगे। पंचायत कर्मियों के जुलाई 2026 के वेतन का भुगतान उनके नए पदस्थापित कार्यालय से किया जाएगा।

