रांची: झारखंड के करीब 11 लाख बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को पिछले दो महीनों से पेंशन की राशि नहीं मिली है। इसके साथ ही, ‘मंईयां सम्मान योजना’ की 51 लाख महिला लाभुकों को भी पिछले तीन महीनों से भुगतान नहीं हो सका है। हालांकि, विभाग द्वारा सभी जिलों को यह राशि आवंटित कर दी गई है, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण इसे अब तक लाभुकों के खातों में ट्रांसफर नहीं किया जा सका है। क्यों रुका है भुगतान? केंद्रीय योजनाएं: केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत राशि न मिलने का मुख्य कारण नई भुगतान प्रणाली ‘एसएनए-स्पर्श’ (SNA-SPARSH) का लागू होना है। इसके पूरी तरह सक्रिय होने की प्रतीक्षा की जा रही है। मंईयां सम्मान योजना: इस योजना और अन्य राज्य स्तरीय सुरक्षा योजनाओं के तहत भुगतान न होने का कारण लाभुकों की सूची का बड़े पैमाने पर चल रहा सत्यापन (Verification) है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पात्र लाभुकों के बैंक खातों में रुपए भेजे जाएंगे। जानिए क्या है ‘स्पर्श’ (SPARSH) प्रणाली? यह केंद्र सरकार की एक नई, केंद्रीयकृत वेब-आधारित भुगतान प्रणाली है। इसका मुख्य उद्देश्य पेंशनरों को उनके भुगतान और सेवाओं से जुड़ी जानकारियों के लिए बैंकों या सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से बचाना है। सीधा भुगतान: इस प्रणाली के तहत राशि सीधे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से लाभुकों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। ट्रेजरी से मुक्ति: अब ट्रेजरी (खजाने) से पैसे निकालने की पारंपरिक व्यवस्था खत्म हो जाएगी। इस सिस्टम को पूरी तरह लाइव होने में करीब 10 दिन का समय लग सकता है। “10 दिन में एक साथ होगा बकाया भुगतान” — डायरेक्टरसामाजिक सुरक्षा निदेशक विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “मंईयां योजना समेत अन्य योजनाओं का सत्यापन (वेरिफिकेशन) कार्य जैसे ही पूरा होगा, भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सभी बकाया राशि एक साथ लाभुकों के खाते में भेजी जाएगी। उम्मीद है कि ‘स्पर्श’ प्रणाली अगले 10 दिनों के भीतर शुरू हो जाएगी, जिसके बाद केंद्रीय योजनाओं की राशि भी सीधे खातों में ट्रांसफर होने लगेगी। सभी जिलों को बजट पहले ही जारी किया जा चुका है।” मंईयां योजना: अभी नए नाम जुड़ने पर रोक, अपात्रों को हटाया जा रहा मंईयां सम्मान योजना के तहत फिलहाल नए आवेदकों के नाम नहीं जोड़े जा रहे हैं। इस योजना के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष निर्धारित है। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान जिन लाभुकों की आयु 50 वर्ष से अधिक हो चुकी है या जो किसी अन्य कारण से अपात्र पाए गए हैं, उनके नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। वहीं, हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाली नई महिलाओं के नाम जोड़ने का काम अभी शुरू नहीं किया गया है। झारखंड में चल रही सामाजिक सुरक्षा योजनाएं 1. केंद्रीय योजनाएं (पेंशन राशि: ₹1,000 प्रति माह) इन योजनाओं के लिए आवेदक का गरीबी रेखा से नीचे (BPL) होना अनिवार्य है। दिव्यांगता पेंशन के लिए न्यूनतम 80% या उससे अधिक की दिव्यांगता होना आवश्यक है। 2. राज्य सरकार की योजनाएं (पेंशन राशि: ₹1,000 प्रति माह) राष्ट्रीय पारिवारिक हित लाभ योजना: इस विशेष योजना के तहत यदि घर के मुख्य कमाने वाले (उम्र 18 से 59 वर्ष) की असमय मृत्यु हो जाती है, तो उनके आश्रित परिवार को एकमुश्त ₹20,000 की सहायता राशि (केंद्रांश) दी जाती है।
51 लाख मंईयां को 3 माह, 11 लाख पेंशनरों को 2 माह से भुगतान नहीं
रांची: झारखंड के करीब 11 लाख बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को पिछले दो महीनों से पेंशन की राशि नहीं मिली है। इसके साथ ही, ‘मंईयां सम्मान योजना’ की 51 लाख महिला लाभुकों को भी पिछले तीन महीनों से भुगतान नहीं हो सका है। हालांकि, विभाग द्वारा सभी जिलों को यह राशि आवंटित कर दी गई है, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण इसे अब तक लाभुकों के खातों में ट्रांसफर नहीं किया जा सका है। क्यों रुका है भुगतान? केंद्रीय योजनाएं: केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत राशि न मिलने का मुख्य कारण नई भुगतान प्रणाली ‘एसएनए-स्पर्श’ (SNA-SPARSH) का लागू होना है। इसके पूरी तरह सक्रिय होने की प्रतीक्षा की जा रही है। मंईयां सम्मान योजना: इस योजना और अन्य राज्य स्तरीय सुरक्षा योजनाओं के तहत भुगतान न होने का कारण लाभुकों की सूची का बड़े पैमाने पर चल रहा सत्यापन (Verification) है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पात्र लाभुकों के बैंक खातों में रुपए भेजे जाएंगे। जानिए क्या है ‘स्पर्श’ (SPARSH) प्रणाली? यह केंद्र सरकार की एक नई, केंद्रीयकृत वेब-आधारित भुगतान प्रणाली है। इसका मुख्य उद्देश्य पेंशनरों को उनके भुगतान और सेवाओं से जुड़ी जानकारियों के लिए बैंकों या सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने से बचाना है। सीधा भुगतान: इस प्रणाली के तहत राशि सीधे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से लाभुकों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। ट्रेजरी से मुक्ति: अब ट्रेजरी (खजाने) से पैसे निकालने की पारंपरिक व्यवस्था खत्म हो जाएगी। इस सिस्टम को पूरी तरह लाइव होने में करीब 10 दिन का समय लग सकता है। “10 दिन में एक साथ होगा बकाया भुगतान” — डायरेक्टरसामाजिक सुरक्षा निदेशक विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “मंईयां योजना समेत अन्य योजनाओं का सत्यापन (वेरिफिकेशन) कार्य जैसे ही पूरा होगा, भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सभी बकाया राशि एक साथ लाभुकों के खाते में भेजी जाएगी। उम्मीद है कि ‘स्पर्श’ प्रणाली अगले 10 दिनों के भीतर शुरू हो जाएगी, जिसके बाद केंद्रीय योजनाओं की राशि भी सीधे खातों में ट्रांसफर होने लगेगी। सभी जिलों को बजट पहले ही जारी किया जा चुका है।” मंईयां योजना: अभी नए नाम जुड़ने पर रोक, अपात्रों को हटाया जा रहा मंईयां सम्मान योजना के तहत फिलहाल नए आवेदकों के नाम नहीं जोड़े जा रहे हैं। इस योजना के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष निर्धारित है। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान जिन लाभुकों की आयु 50 वर्ष से अधिक हो चुकी है या जो किसी अन्य कारण से अपात्र पाए गए हैं, उनके नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। वहीं, हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाली नई महिलाओं के नाम जोड़ने का काम अभी शुरू नहीं किया गया है। झारखंड में चल रही सामाजिक सुरक्षा योजनाएं 1. केंद्रीय योजनाएं (पेंशन राशि: ₹1,000 प्रति माह) इन योजनाओं के लिए आवेदक का गरीबी रेखा से नीचे (BPL) होना अनिवार्य है। दिव्यांगता पेंशन के लिए न्यूनतम 80% या उससे अधिक की दिव्यांगता होना आवश्यक है। 2. राज्य सरकार की योजनाएं (पेंशन राशि: ₹1,000 प्रति माह) राष्ट्रीय पारिवारिक हित लाभ योजना: इस विशेष योजना के तहत यदि घर के मुख्य कमाने वाले (उम्र 18 से 59 वर्ष) की असमय मृत्यु हो जाती है, तो उनके आश्रित परिवार को एकमुश्त ₹20,000 की सहायता राशि (केंद्रांश) दी जाती है।


