लातेहार| जिले के बारियातू थाना क्षेत्र अंतर्गत अमरवाड़ीह पंचायत के बरवाडीह गांव में गुरुवार को गड्ढे में डूबने से दो मासूम चचेरी बहनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान कामेश्वर गंझू की 11 वर्षीय पुत्री प्रियंका कुमारी एवं मनोज गंझू की 9 वर्षीय पुत्री जूली कुमारी के रूप में हुई है। प्रियंका प्राथमिक विद्यालय बनवार में कक्षा पांचवीं की छात्रा थी, जबकि जूली कुमारी कक्षा तीसरी में पढ़ाई कर रही थी। परिजनों के अनुसार गुरुवार दोपहर दोनों बहनें खेलने के लिए घर से निकली थी। खेलने के दौरान दोनों गड्ढे में गिर गई। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोग उनकी तलाश करने लगे। इसी बीच ग्रामीणों ने सूचना दी कि गड्ढे में दोनों बच्चियां डूबी हैं। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों के सहयोग से दोनों बच्चियों को गड्ढे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर बारियातू थाना प्रभारी रंजन कुमार पासवान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया तथा पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस गड्ढे में बच्चियां डूबीं, उसे ईंट निर्माण के लिए मिट्टी की खुदाई कर कुआंनुमा आकार में बनाया गया था। हाल ही में हुई बारिश के कारण गड्ढा पूरी तरह पानी से भर गया था। गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण दोनों बच्चियां पानी में खेलते-खेलते गहरे हिस्से में चली गईं और डूब गईं। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने, गड्ढा बनवाने वालों पर कार्रवाई करने, खतरनाक गड्ढे को तत्काल भरवाने तथा मृतक बच्चियों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। एक साथ दो मासूम बच्चियों की मौत से बरवाडीह गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
पानी भरे गड्ढे में डूबने से दो चचेरी बहनों की मौत
लातेहार| जिले के बारियातू थाना क्षेत्र अंतर्गत अमरवाड़ीह पंचायत के बरवाडीह गांव में गुरुवार को गड्ढे में डूबने से दो मासूम चचेरी बहनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान कामेश्वर गंझू की 11 वर्षीय पुत्री प्रियंका कुमारी एवं मनोज गंझू की 9 वर्षीय पुत्री जूली कुमारी के रूप में हुई है। प्रियंका प्राथमिक विद्यालय बनवार में कक्षा पांचवीं की छात्रा थी, जबकि जूली कुमारी कक्षा तीसरी में पढ़ाई कर रही थी। परिजनों के अनुसार गुरुवार दोपहर दोनों बहनें खेलने के लिए घर से निकली थी। खेलने के दौरान दोनों गड्ढे में गिर गई। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोग उनकी तलाश करने लगे। इसी बीच ग्रामीणों ने सूचना दी कि गड्ढे में दोनों बच्चियां डूबी हैं। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों के सहयोग से दोनों बच्चियों को गड्ढे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर बारियातू थाना प्रभारी रंजन कुमार पासवान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया तथा पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मामले की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस गड्ढे में बच्चियां डूबीं, उसे ईंट निर्माण के लिए मिट्टी की खुदाई कर कुआंनुमा आकार में बनाया गया था। हाल ही में हुई बारिश के कारण गड्ढा पूरी तरह पानी से भर गया था। गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण दोनों बच्चियां पानी में खेलते-खेलते गहरे हिस्से में चली गईं और डूब गईं। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने, गड्ढा बनवाने वालों पर कार्रवाई करने, खतरनाक गड्ढे को तत्काल भरवाने तथा मृतक बच्चियों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। एक साथ दो मासूम बच्चियों की मौत से बरवाडीह गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

