गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र में मुखिया अनुपम भगत पर गुरुवार को दिनदहाड़े फायरिंग की गई। बांझी रोड स्थित एक अवैध शराब अड्डे के पास तीन अपराधियों ने उन पर हमला किया, जिसमें मुखिया बाल-बाल बच गए। इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपितों में से एक नयन यादव ने बाद में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। नयन यादव पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के द्रोपद का रहने वाला है और वर्तमान में पोड़ैयाहाट में रह रहा था। इस वारदात में उसके साथ अंकित यादव और विकास यादव भी शामिल थे। अनुपम भगत को निशाना बनाते हुए फायरिंग की यह घटना दिनदहाड़े हुई, जब बाइक सवार तीन हमलावरों ने मुखिया अनुपम भगत को निशाना बनाते हुए दो राउंड फायरिंग की। सौभाग्य से दोनों गोलियां उन्हें नहीं लगीं। इस घटना से बांझी रोड और पोड़ैयाहाट बाजार क्षेत्र में दहशत फैल गई। बताते चलें कि बीते दिनों शैलेंद्र भगत की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अपराधी अंकित यादव के खिलाफ मुखिया अनुपम भगत ने गहावी दी थी। अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग
इधर, फायरिंग की घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। नाराज लोगों ने पोड़ैयाहाट मुख्य बाजार बंद कर दिया और सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना था कि पोड़ैयाहाट में पहले भी कई बार गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कुछ लोगों की जान भी गई है। सूचना मिलते ही पोड़ैयाहाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने मुखिया अनुपम भगत और स्थानीय लोगों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताते चलें कि अंकित यादव व नयन यादव में दोनों आपस में भाई हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर घटना के कारणों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। वहीं, इस घटना को लेकर मुखिया अनुपम भगत ने बताया कि वह अपने बांझी स्थित अपने घर से बाइक पर सवार होकर निकले थे। इसी क्रम में अवैध शराब अड्डे के पास बाइक सवार तीन अपराधियों ने दो गोलियां चलाई। दोनों गोलियां मेरे सिर के उपर से छू कर निकल गई और मैं बाल-बाल बच गया।

