
West Bengal Police: कोलकाता : भाजपा महिलाओं की सुरक्षा के संदेश के साथ सत्ता में आई. शुभेंदु सरकार उस सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक के बाद एक कदम उठा रही है. हालांकि, इस बार राज्य सरकार ने इस फेरबदल में महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दिया. लंबे समय बाद कोलकाता के दो पुलिस थानों में महिला पुलिस अधिकारी नियुक्त की गईं. पिछले 15 वर्षों में केवल महिला पुलिस थानों में ही महिला पुलिस अधिकारी देखी गई थीं.
दोनों थानों का जिम्मा महिलाओं के हाथ
इस बार राज्य सरकार ने मुख्य पुलिस थाने में भी एक महिला निरीक्षक को पुलिस अधिकारी नियुक्त करके जनता को चौंका दिया. एक तरफ, सरशुना पुलिस स्टेशन की नई कार्यवाहक अधिकारी रूपा सिंह हैं. वे टॉलीगंज महिला पुलिस स्टेशन की कार्यवाहक अधिकारी थीं. वहीं दूसरी तरफ, चमेली मुखर्जी को सिंथी पुलिस स्टेशन का कार्यवाहक अधिकारी बनाया गया है. वे उल्टोडांगा महिला पुलिस स्टेशन की कार्यवाहक अधिकारी थीं.
अंतिम बार 2010 में मिला था जिम्मा
वामपंथी शासन के दौरान कोलकाता पुलिस के मुख्य पुलिस स्टेशन का प्रभार आखिरी बार 2010 में किसी महिला इंस्पेक्टर को दिया गया था. तृणमूल शासन के दौरान कई महिला पुलिस स्टेशन थे, लेकिन किसी भी महिला को मुख्य पुलिस स्टेशन का प्रभार नहीं दिया गया था. गुरुवार को कोलकाता पुलिस के 33 पुलिस स्टेशनों के अधिकारियों का तबादला इंस्पेक्टर के पद पर कर दिया गया. यह फैसला पुलिस आयुक्त ने लिया.
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ममता सरकार ने महिला थाने तक महिला को रखा सिमित
हाल ही में, सरकार ने कोलकाता पुलिस के अंतर्गत आने वाले पुलिस थानों में महिला सहायता केंद्र शुरू किए हैं. वहां महिला अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जाते हैं. यह पहल इसलिए की गई है, ताकि महिलाओं को किसी भी परिस्थिति में एक पुलिस थाने से दूसरे पुलिस थाने जाने की आवश्यकता न पड़े. तृणमूल के शासनकाल में कोलकाता में पहला पूरी तरह से महिला पुलिस स्टेशन बनाया गया था.
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