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पटना के राजेन्द्र सभागार में विचार गोष्ठी एवं जन-जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें 250 अधिवक्ताओं, न्यायविदों, विधि के विद्यार्थियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। आयोजन आम वोटर परिषद् एवं अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम में डॉ. हरपाल सिंह राणा, योगेश चंद्र वर्मा, धर्मनाथ प्रसाद यादव, उमाशंकर प्रसाद, जयशंकर प्रसाद, अजीत कुमार, माननीय दामोदर प्रसाद (पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश), गव्यसिद्ध डॉ. अश्वनी कुमार सहित अनेक वरिष्ठ वक्ताओं ने अपने विचार रखे। न्यायालयों में हिन्दी और भारतीय भाषाओं के प्रयोग पर जोर सभी वक्ताओं ने न्यायालयों में हिन्दी और भारतीय भाषाओं के प्रयोग, हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने और संपूर्ण कार्यपालिका में “अलाइव ओथ” व्यवस्था लागू कर प्रशासन को पारदर्शी बनाने का पुरजोर समर्थन किया। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती, सुशासन और जनविश्वास के लिए प्रशासनिक जवाबदेही को संस्थागत रूप देना समय की जरूरत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता धर्मनाथ प्रसाद यादव (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति) ने की। आम वोटर परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संतोष कुमार ने परिषद् के राष्ट्र निर्माण संबंधी अभियानों एवं लोकतांत्रिक जन-जागरण के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिवक्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने संकल्प व्यक्त किया कि न्याय व्यवस्था में हिन्दी के व्यापक उपयोग और अलाइव ओथ की अवधारणा को राष्ट्रीय विमर्श का विषय बनाकर देशभर में जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा।

