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गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के भोरंडीहा स्थित चाइना मोड़ के वेंकटेश्वर प्लांट में हुए हादसे में प्लांट के सुपरवाइजर की मौत हो गई। मृतक की पहचान धनबाद के सिंदरी निवासी राज किशोर सिन्हा के रूप में हुई है। वे पिछले करीब 15 वर्षों से प्लांट में कार्यरत थे। वर्तमान में परिसर के कुटिया मंदिर स्थित गेस्ट हाउस में रहते थे। परिजनों के अनुसार देर रात थाना से सूचना मिलने के बाद वे प्लांट पहुंचे, जहां बताया गया कि कोयला लदे हाईवा से माल खाली कराने के दौरान यह हादसा हुआ। राज किशोर सिन्हा टॉर्च की रोशनी से चालक को वाहन पीछे करने का संकेत दे रहे थे, तभी वे अचानक हाईवा की चपेट में आ गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप घटना के बाद परिजनों ने प्लांट प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े औद्योगिक परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद शव को बोरे में रखकर गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जो बेहद अमानवीय है। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने फिलहाल पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। शव अस्पताल में ही रखा हुआ है। परिजन मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। निष्पक्ष जांच की मांग हुई तेज घटना की सूचना मिलने पर बार एसोसिएशन के महासचिव एवं भाजपा नेता चुन्नू कांत तथा माले नेता राजेश सिन्हा सदर अस्पताल पहुंचे। दोनों नेताओं ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। प्रबंधन से उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। मृतक के भांजे आयुष रंजन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्लांट प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में प्लांट प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आ सका था।

