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गोपालगंज में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई और युवाओं की आवाज दबाने के विरोध में एक विशाल विरोध मार्च निकाला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग की। यह विरोध मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मौनिया चौक पहुंचा, जहां पुतला दहन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया विरोध मार्च का नेतृत्व जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश गर्ग ने किया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि हाल ही में अपने अधिकारों और न्यायसंगत मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। गर्ग ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना और अपनी मांगों के लिए आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। युवाओं पर लाठीचार्ज करके सरकार ने उनके अधिकारों का क्रूरतापूर्वक दमन किया है। समाधान निकालने के बजाय लाठियां बरसाई जाती कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार युवाओं को रोजगार और बेहतर शिक्षा व्यवस्था देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। जब युवा और छात्र अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरते हैं, तो उन पर समाधान निकालने के बजाय लाठियां बरसाई जाती हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी युवाओं और छात्रों की इस लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस नहीं लिए गए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और भी उग्र रूप धारण करेगा। इस विरोध मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से अपने पदों से इस्तीफा देने की मांग दोहराई।
