
पश्चिम बंगाल के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक प्रणत टुडू का सुरक्षा कवच कलकत्ता हाईकोर्ट ने 12 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है. यानी उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई पुलिस नहीं कर पायेगी. हालांकि, उच्च न्यायालय ने बंगाल पुलिस से बुधवार को कहा कि वह विधायक के खिलाफ जांच शुरू कर सकती है. मामला वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के एक आपराधिक मामले से संबंधित है.
2024 के अंतरिम आदेश में कोर्ट का संशोधन
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने जून 2024 में दिये गये एक अंतरिम आदेश में संशोधन किया, जिसमें लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस को टुडू के खिलाफ कार्रवाई करने से रोका गया था. अदालत ने कहा कि जिन परिस्थितियों की वजह से पूर्व में राहत दी गयी थी, अब वैसी स्थिति नहीं है. इसलिए जांच एजेंसी को मामले पर आगे बढ़ने की अनुमति दी जाती है.
कोर्ट की अनुमति के बिना दंडात्मक कार्रवाई नहीं
हाईकोर्ट ने हालांकि निर्देश दिया कि अदालत की अनुमति के बिना टुडू के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाये, बशर्ते वह जांच में सहयोग करें. अदालत ने कहा कि यह सुरक्षा 12 अक्टूबर तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, लागू रहेगी. एकल पीठ ने पुलिस को जांच की प्रगति रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया.
ये भी पढ़ें: रघुनाथपुर की भाजपा विधायक मामोनी बाउरी का WhatsApp हैक, परिचितों से मांगे जा रहे पैसे
गड़बेता में टुडू पर टीएमसी ने किया था हमला
टुडू का पक्ष रखने के लिए पेश हुए अधिवक्ता मयूख मुखर्जी ने दलील दी कि भाजपा नेता घटना के समय झारग्राम से पार्टी के लोकसभा उम्मीदवार थे. उन पर पश्चिम मेदिनीपुर जिले के गड़बेता में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला किया था.
भाजपा नेता पर लगाये गये निराधार आरोप : वकील
उन्होंने कहा कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक जवान की शिकायत पर गड़बेटा थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. कार्रवाई करने की जगह टूडू के खिलाफ हत्या की कोशिश तथा महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसे ‘निराधार’ आरोपों में मामला दर्ज कर लिया.
ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें, अब 1000 करोड़ के जमीन घोटाले का लगा आरोप
बिनपुर से विधायक चुने गये हैं प्रणत टुडू
जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि 3 जून 2024 को लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान करने और मतगणना एवं परिणाम आने के समय मौजूदगी के दो कारणों के अधार पर टुडू को अंतरिम राहत दी गयी थी. अब उक्त दोनों वजह समाप्त हो चुकी है. इसलिए पूर्व के आदेश में संशोधन करते हुए पुलिस को जांच आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाती है. टुडू इस साल की शुरुआत में पश्चिम मेदिनीपुर जिले की बिनपुर सीट से विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे.

