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किशनगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में प्रतिनियुक्त प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आफताब आलम विभागीय आदेश के बावजूद अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 20 जुलाई 2026 को जारी आदेश के 14 दिन बाद भी उन्होंने प्रभार नहीं सौंपा है। पत्रांक 2506 के तहत जारी इस आदेश में डॉ. आफताब आलम की प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई थी। उन्हें उनके मूल पदस्थापन स्थान अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करुआमणी, दिघलबैंक लौटने का निर्देश दिया गया था। साथ ही, पीएचसी किशनगंज का संपूर्ण प्रभार डॉ. जय प्रकाश विश्वास को सौंपने और उन्हें प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में निकासी एवं व्ययन की शक्तियां प्रदान करने का निर्देश था। इस आदेश की प्रतियां कोषागार, जिलाधिकारी और पटना स्थित स्वास्थ्य विभाग तक भेजी गई थीं। हालांकि, 14 दिन बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आया है। डॉ. आफताब आलम अभी भी पीएचसी किशनगंज से ही कामकाज कर रहे हैं, जबकि नए प्रभारी डॉ. जय प्रकाश विश्वास ने बताया कि उन्हें आदेश मिलने के बावजूद आज तक प्रभार नहीं मिला है। पीएचसी में कई वित्तीय मामलों की फाइलें लंबित सूत्रों के अनुसार, पीएचसी में कई वित्तीय मामलों की फाइलें अब भी डॉ. आफताब आलम के पास लंबित हैं। सूत्रों का यह भी दावा है कि प्रभार न सौंपे जाने के पीछे ‘उच्च स्तर’ से दबाव की चर्चा है, जिसके कारण विभाग कार्रवाई करने से बच रहा है। स्थानीय लोगों में इस स्थिति को लेकर आक्रोश है, उनका कहना है कि विभागीय आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई न होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी और जिला प्रशासन इस “कुर्सी कब्जा” पर कब लगाम लगाते हैं। वरना सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ने का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा और नुकसान अंत में मरीजों को ही उठाना पड़ेगा।

