Wednesday, August 5, 2026

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झारखंड के 10 जिलों में आज भारी बारिश:24 घंटे में आकाशीय बिजली से 20 मरे, अगले 5 दिन हेवी रेन, वज्रपात का खतरा, यलो अलर्ट


बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से झारखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान भारी बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की बात कही गई है। उत्तर-पश्चिम, मध्य, दक्षिण और संथाल परगना के जिलों में अलग-अलग दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बीते 24 घंटे में रांची समेत राज्य के नौ जिलों में अच्छी बारिश हुई। सबसे अधिक 76 मिमी वर्षा रांची के कांके में रिकॉर्ड की गई, जबकि रांची शहर में 35 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा लोहरदगा में 45 मिमी, सिमडेगा में 23 मिमी, बोकारो में 11 मिमी और डालटनगंज में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। 8 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 5 से 8 अगस्त तक अलग-अलग जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। 5 अगस्त को रांची, जमशेदपुर, चाईबासा, सरायकेला-खरसावां, गोड्डा, साहिबगंज, दुमका, पाकुड़, देवघर और जामताड़ा में बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 6 अगस्त को रांची के साथ हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, पलामू, गढ़वा और चतरा जिलों में वर्षा का पूर्वानुमान है। 7 अगस्त को सिमडेगा, जमशेदपुर, लोहरदगा, गुमला, रांची, खूंटी, गढ़वा, पलामू और लातेहार में बारिश हो सकती है। इसके बाद 8 अगस्त को लोहरदगा, गुमला, लातेहार, पलामू और गढ़वा जिलों में वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में दिखा आकाशीय बिजली का कहर पिछले 24 घंटे के दौरान हुई भारी बारिश के बीच आकाशीय बिजली ने कहर बरपाया, जिसमें 20 लोगों की मौत हो गई। एक दर्जन से अधिक लोग झुलस गए। सबसे ज्यादा 11 मौतें गिरिडीह में दर्ज की गईं। दुमका में आलतामुनी मरांडी, बाबूलाल हेंब्रम और रोहित कुंवर की मौत हो गई। जबकि आलतामुनी के पति और उनका चार वर्षीय बेटा झुलस गए। साथ ही छह से अधिक लोग घायल हुए। लातेहार में उपेंद्र उरांव (18) और शिवनाथ उरांव, चतरा के लावालौंग में संजय भुइयां (30), गढ़वा के रंका में कदरून खातून (45) और पलामू के मोहम्मदगंज में पुष्पा देवी (38) की भी वज्रपात से जान चली गई। अधिकांश हादसे धान रोपनी, खेतों में काम करने, निर्माण स्थल पर मजदूरी करने या बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े रहने के दौरान हुए। गिरिडीह में सबसे ज्यादा 11 मौतें गिरिडीह के देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी स्थित गोसांई आहर के पास सबसे बड़ा हादसा हुआ। जहां पेड़ के नीचे मोबाइल पर गेम खेल रहे अर्जुन कुमार साव (17), विष्णुदेव साव (13), गजेंद्र साव (15), कुश कुमार तिवारी (18) और उमेश यादव (17) वज्रपात की चपेट में आ गए। अर्जुन, विष्णुदेव, गजेंद्र और कुश की मौत हो गई, जबकि उमेश गंभीर रूप से घायल है। मृतकों में तीन चचेरे भाई शामिल हैं। तिलयडीह गांव में खेत में काम कर रहे संतोष तिवारी (40) की भी मौत हो गई और विक्रम तिवारी घायल हैं। बगोदर के अलगडीहा में कोनार नहर निर्माण स्थल पर पेड़ के नीचे खड़े मजदूर समीर गिद (47) की मौत हो गई, जबकि महावीर तुरी झुलस गए। खेतको पंचायत में खेमिया देवी (50) झुलस गईं, जबकि गांडेय के ओझाडीह में पप्पू हांसदा (32), गावां में पूनम देवी (35) और नवडीहा के बघेडीह में आरती देवी (28) की मौत हो गई। तीन चरवाहे भी झुलस गए।

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