![]()
सहरसा में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर गुरुवार शाम सहरसा पहुंचे। आगामी कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए उन्होंने जिला परिषद परिसर स्थित पूजा बैंक्वेट हॉल में सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया और सुपौल के पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रत्याशी चयन, चुनावी तैयारियों और अभियान की रणनीति पर चर्चा हुई। देखें, मौके से आई तस्वीरें… लोकतांत्रिक तरीके से होगा प्रत्याशी का चयन बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज में प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया लोकतांत्रिक तरीके से की जा रही है। पार्टी से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की राय ली जा रही है। उन्होंने कहा कि कोशिश ऐसे प्रत्याशी को चुनने की है, जो चुनाव जीतने के बाद बिहार की बेहतरी, शिक्षा और रोजगार के लिए काम कर सके। सम्राट चौधरी के ‘बेचारे’ बयान पर पलटवार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘बेचारे’ वाले बयान पर प्रशांत किशोर ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि शायद मुख्यमंत्री को किसी ने ‘बेचारा’ शब्द का मतलब नहीं समझाया है। उनके अनुसार, बेचारा वह होता है जिसके पास कोई चारा नहीं होता। प्रशांत किशोर ने कहा, “बिहार को सुधारने के संकल्प के सामने हमारे पास कोई चारा नहीं है। हम सम्राट चौधरी जैसे अनपढ़ और अपराधी के हाथ में बिहार को छोड़कर नहीं जा सकते। इस नजरिए से हम बेचारे ही हैं।” 80 साल पुरानी बाढ़ की समस्या पर सरकार से सवाल बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशांत किशोर ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में बाढ़ की समस्या नई नहीं है और कोसी क्षेत्र के लोग इसके दर्द को सबसे ज्यादा समझते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार करीब 80 वर्षों से बाढ़ की समस्या झेल रहा है, लेकिन 20 साल से सत्ता में रहने के बावजूद सरकार इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं कर पाई। उन्होंने नरेंद्र मोदी और सम्राट चौधरी से सवाल किया कि बिहार को बाढ़ से स्थायी राहत कब मिलेगी। ‘बाढ़ सत्ता में बैठे लोगों की कमाई का जरिया’ प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार में बाढ़ सत्ता में बैठे लोगों की कमाई का बड़ा जरिया बन गई है। उन्होंने कहा कि बांध बनाने, बांध टूटने के बाद उसकी मरम्मत और बाढ़ राहत के कार्यों में भ्रष्टाचार होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे लोग बाढ़ की समस्या को पूरी तरह खत्म नहीं करना चाहते, क्योंकि समस्या खत्म होने के साथ इन कामों से होने वाली कमाई के अवसर भी खत्म हो जाएंगे। जल संसाधन विभाग को लेकर नीतीश पर निशाना प्रशांत किशोर ने जल संसाधन विभाग को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकारों में विभागों के बंटवारे को लेकर खींचतान होती रहती है, लेकिन जल संसाधन विभाग ऐसा विभाग है, जिसे सत्तासीन दल छोड़ना नहीं चाहता। नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रहते उन्होंने कई विभागों का बंटवारा किया और उपमुख्यमंत्री का पद भी दूसरे नेताओं को दिया, लेकिन जल संसाधन विभाग अपने पास रखा। प्रशांत किशोर ने इसे कमाई का आसान जरिया बताया। चार जिलों के पदाधिकारी बैठक में हुए शामिल बैठक में प्रदेश स्तर से सरवर अली, सुभाष कुशवाहा, किशोर कुमार और ललन यादव मौजूद रहे। इसके अलावा रजनीश रंजन, डॉ. विमला कुमारी, जिला अध्यक्ष कुमार अमृत राज, गजेंद्र यादव, अनिल सिंह, गजेंद्र निषाद, सुरेंद्र कुमार यादव और नवल किशोर समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
PK बोले-'बिहार में बाढ़ कमाई का जरिया बन गई':सहरसा में कोसी स्नातक एमएलसी चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक
