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आरयू और रक्षा शक्ति विवि में पांच माह से लोकपाल नहीं
छात्रों की शिकायत सुनने और समाधान के लिए यूजीसी की व्यवस्था राजधानी के प्रमुख सरकारी विश्वविद्यालयों में निष्क्रिय है। रांची यूनिवर्सिटी और झारखंड रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी में लोकपाल का पद खाली है। छात्र संबंधित यूनिवर्सिटी की छात्र शिकायत निवारण समिति (एसजीआरसी) में शिकायत कर सकते हैं, लेकिन वहां राहत नहीं मिलने पर लोकपाल के पास अपील नहीं कर पा रहे हैं। यूजीसी के 2023 के नियमों में लोकपाल को एसजीआरसी के फैसले के खिलाफ अपील सुनने वाला स्वतंत्र मंच बनाया गया है। डीएसपीएमयू में डॉ. अनिल कुमार लोकपाल हैं, लेकिन अब तक एक भी शिकायत उनके पास नहीं पहुंची है। इसकी वजह अधिकतर छात्रों को इसकी जानकारी ही नहीं है। लोकपाल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र की शिकायत विवि के किसी कार्यालय में दबकर न रह जाए। यूजीसी की व्यवस्था का छात्रों को नहीं मिल रहा लाभ
किस यूनिवर्सिटी में कब से नहीं है लोकपाल
रांची यूनिवर्सिटी और रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी में लोकपाल के पद पर डॉ. यूसी मेहता की नियुक्ति हुई थी। इनका कार्यकाल 8 मई 2026 को ही समाप्त हो चुका है। इसकी जानकारी विवि प्रशासन को भी है। लेकिन पांच माह बाद भी नए लोकपाल की नियुक्ति करने में यूनिवर्सिटी प्रशासन विफल रहा है।
यूजीसी ने तीन साल पहले बनाया था नियम
यूजीसी ने 12 अप्रैल 2023 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (विद्यार्थियों की शिकायतों का निवारण) विनियम, 2023 जारी किया। इसमें विद्यार्थियों की शिकायतों के लिए संस्थान में ऑनलाइन शिकायत पोर्टल, छात्र शिकायत निवारण समिति और उसके बाद अपील के लिए लोकपाल की व्यवस्था की गई है। लेकिन फिलहाल छात्रों को यूजीसी की इस व्यवस्था का लाभ नहीं मिल रहा है। इन शिकायतों पर पड़ सकता है असर
रिजल्ट से लेकर डिग्री एवार्ड में होने वाली परेशानी।
निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली, शुल्क वापसी या फीस से संबंधित विवाद।
घोषित नियमों के विपरीत एडमिशन की प्रक्रिया से संबंधित शिकायत।
छात्रवृत्ति और वित्तीय सहायता से जुड़ी शिकायतें।
परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में विशिष्ट अनियमितता।
निर्धारित श्रेणियों के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव की शिकायत। लोकपाल के पद पर किनकी हो सकती है नियुक्ति
लोकपाल कोई सामान्य प्रशासनिक अधिकारी नहीं हो सकता। यूजीसी के नियमों के अनुसार, इसके लिए सेवानिवृत्त कुलपति, निर्धारित अनुभव वाले सेवानिवृत्त प्रोफेसर या पूर्व जिला न्यायाधीश जैसे पात्र व्यक्तियों का प्रावधान है।
लोकपाल का कार्यकाल तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु, जो पहले हो, तक होता है। एक बार पुनर्नियुक्ति का प्रावधान है। लोकपाल की नियुक्ति जल्द
रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी में लोकपाल की नियुक्ति हुई थी, जिनका कार्यकाल समाप्त हो गया है। नई नियुक्ति को लेकर विवि प्रशासन गंभीर है। लोकपाल की जल्द ही नियुक्ति की जाएगी।- डॉ. हेमेंद भगत, रजिस्ट्रार, रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी नियुक्ति को लेकर चल रहा प्रोसेस
रांची विवि में लोकपाल की नियुक्ति हुई थी, जिनका कार्यकाल समाप्त हो गया है। नई नियुक्ति को लेकर विवि प्रशासन द्वारा प्रोसेस शुरू कर दिया गया है। लोकपाल के पद पर जल्द ही यूजीसी नियम के अनुसार नियुक्ति की जाएगी। – डॉ. स्मृति सिंह, पीआरओ, रांची यूनिवर्सिटी
यूजीसी के सख्त नियमों की अनदेखी:विश्वविद्यालय लोकपाल… पद खाली रहने से छात्रों की शिकायत का प्रमुख दरवाजा बंद
