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बिहार कांग्रेस ने बक्सर में श्रीराम कौशल विश्वविद्यालय खोलने की मांग की है। यह मांग पटना में माता सीता के नाम पर महिला विश्वविद्यालय और बेगूसराय में राष्ट्रकवि दिनकर के नाम से प्रस्तावित विश्वविद्यालय को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद की गई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार से बक्सर के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इस दिशा में पहल करने की अपील की है। डॉ. वर्धन ने बताया कि बक्सर को भगवान श्रीराम की दीक्षास्थली के तौर पर जाना जाता है। मान्यता है कि भगवान राम ने विश्वामित्र के आश्रम में शिक्षा और युद्ध कौशल की दीक्षा ली थी। जिले में उच्च शिक्षा के मौके कम इसलिए, बक्सर में श्रीराम के नाम पर कौशल विश्वविद्यालय बनना चाहिए, जो रोजगारपरक और आधुनिक कौशल आधारित शिक्षा दे सके। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के तहत नए विश्वविद्यालय बनाने की प्रक्रिया चल रही है। बक्सर को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। फिलहाल, जिले में उच्च शिक्षा के मौके कम हैं। स्नातकोत्तर और शोध के लिए छात्रों को आरा या दूसरे जिलों में जाना पड़ता है। रोजगार के क्षेत्र में भी होंगे नए अवसर बक्सर में कौशल विश्वविद्यालय खुलने से स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा और रोजगारपरक ट्रेनिंग का मौका मिलेगा। कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय पर चार जिलों के कॉलेजों का भार है। बक्सर में अलग विश्वविद्यालय बनने से यह भार कम होगा और शिक्षा व्यवस्था बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बनने से पर्यटन, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं। डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने आखिर में कहा कि बक्सर के पौराणिक महत्व को आधुनिक शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ते हुए, सरकार को यहां श्रीराम कौशल विश्वविद्यालय बनाने के लिए गंभीरता से पहल करनी चाहिए।
कांग्रेस की बक्सर में श्रीराम कौशल विश्वविद्यालय खोलने की मांग:पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सरकार से पहल की अपील

