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बांका व्यवहार न्यायालय के एडीजे प्रथम अमित कुमार मनु की अदालत ने रेप के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए तीन अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। अदालत ने मुख्य अभियुक्त रजौन थाना क्षेत्र के टेकनी गांव निवासी दिवाकर पासवान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, अन्य अभियुक्त जब्बा रजक उर्फ मनीष कुमार को पांच वर्ष और भिखो उर्फ भिखारी को 10 वर्ष के कारावास की सजा दी गई है। अदालत ने दोनों अन्य दोषियों पर क्रमश 20 हजार और 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पति को कमरे में बंद कर आरोपियों ने महिला से किया था रेप पीड़िता ने मामले को लेकर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि रात के समय सभी अभियुक्त उसके घर में घुस आए थे। इस दौरान आरोपितों ने उसके पति को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद दिवाकर पासवान ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि इस घटना में अन्य दोनों अभियुक्तों ने दिवाकर पासवान का सहयोग किया था। सभी दोषियों को सुनाई गई सजा मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में सात गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों अभियुक्तों को घटना में संलिप्त पाते हुए दोषी करार दिया। इसके बाद अदालत ने सभी दोषियों को उनके अपराध के अनुसार सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी सुबोध कुमार मिश्रा ने बहस में हिस्सा लिया। अदालत के इस फैसले के बाद मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुई।
बांका में रेप के 3 दोषियों को सजा:मुख्य आरोपी को उम्रकैद, 2 अन्य को 5 और 10 साल की जेल; जुर्माना भी लगा
