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कटिहार के फलका प्रखंड की भंगहा पंचायत के वार्ड संख्या दो में सोमवार दोपहर आग ने भारी तबाही मचा दी। उपेंद्र महलदार के घर से उठी चिंगारी तेज हवा के कारण देखते ही देखते विकराल हो गई। आग की चपेट में आकर 10 घर जलकर राख हो गए। इस अग्निकांड में 10 परिवार बेघर हो गए, जबकि करीब 15 लाख रुपये नकद समेत घरों में रखा सामान जल गया। अग्निकांड में पीड़ित परिवारों को सबसे बड़ा झटका नकदी और वर्षों की बचत के जल जाने से लगा है। सिकंदर महलदार के घर में बेटी की शादी और मकान निर्माण के लिए रखे 12 लाख रुपये आग की भेंट चढ़ गए। वहीं, उपेंद्र महलदार के मखाना कारोबार से बचाकर रखे गए तीन लाख रुपये भी जल गए। इसके अलावा अनाज, कपड़े, बच्चों की किताबें, आधार कार्ड और जमीन के जरूरी कागजात भी राख हो गए। 10 परिवारों की गृहस्थी उजड़ी आग में उपेंद्र महलदार, सिकंदर महलदार, उषा देवी, धर्मेंद्र कुमार, देवेंद्र कुमार, मंटू शर्मा, अरविंद कुमार शर्मा, मिथलेश शर्मा, गौतम शर्मा और भोला शर्मा के घर जल गए। ग्रामीणों ने बाल्टियों से आग बुझाने की कोशिश की। सूचना मिलने पर अधिकारी और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। खुले आसमान के नीचे आए परिवार, खाने का संकट आग बुझने के बाद घटनास्थल पर तबाही और बेबसी का मंजर दिखा। जिन परिवारों के पास कल तक अपना घर था, वे अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के पास पहने हुए कपड़ों के अलावा कुछ नहीं बचा। घरों में रखा अनाज जल जाने से पीड़ित परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित उषा देवी की आंखों में आंसू हैं। उन्होंने अपनी पीड़ा बयां करते हुए कहा, “सब कुछ खत्म हो गया बाबू, अब कहां जाएंगे।” आग की घटना से बच्चे सहमे हुए हैं और बुजुर्ग सदमे में हैं। वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी एक झटके में खत्म हो जाने से परिवारों के सामने जीवन दोबारा शुरू करने की चुनौती खड़ी हो गई है। प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन घटना की सूचना पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू किया। अधिकारियों ने जांच के बाद सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं, मुखिया प्रीति पटेल और पैक्स अध्यक्ष संजय पटेल ने पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल भंगहा पंचायत के प्रभावित परिवार मदद की आस लगाए हैं। राख में तब्दील हुए घर इस बात की गवाही दे रहे हैं कि एक चिंगारी ने पलभर में 10 परिवारों की गृहस्थी उजाड़ दी।
'सब कुछ खत्म हो गया बाबू, अब कहां जाएंगे':कटिहार-आग से 10 घर जलकर राख, बेटी की शादी को रखे 12 लाख ; मखाना बेचकर जोड़ी थी पाई-पाई
