सिविल सेवा परीक्षा में बोकारो की बेटियों की चमक

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सिविल सेवा परीक्षा में बोकारो की बेटियों की चमक

बोकारो, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में बोकारो की बेटियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है. यहां की अपूर्वा वर्मा, तेजस्विनी सिंह का आइएएस बनना तय है. शुभम महतो ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है. यूपीएसएसी क्रेक करने वाले तीनों विद्यार्थी दिल्ली पब्लिक स्कूल बोकारो के एलुमनी रहे हैं.

डीपीएस की पूर्व छात्रा अपूर्वा वर्मा का ऑल इंडिया रैंक 42 है. इसके अलावा 2018 बैच की छात्रा रही तेजस्विनी सिंह ने भी 62वीं रैंक पाया है. वहीं, 2015 बैच के छात्र रहे शुभम कुमार महतो ने 142वां स्थान पाया है. प्राचार्य डॉ एएस गंगवार सहित डीपीएस परिवार ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. तीनों विद्यार्थियों व उसके परिजनों ने स्कूल के शिक्षकों के प्रति आभार जताया है.

दिल्ली में एसीपी के रूप में पदस्थापित है अपूर्वा, तीसरे प्रयास में बनी आईएएस

कक्षा सात से 12वीं तक डीपीएस बोकारो की छात्रा रहीं अपूर्वा वर्मा वर्तमान में दिल्ली पुलिस में एसीपी (सहायक पुलिस आयुक्त) के पद पर कार्यरत हैं. सेवा में रहते हुए बेहतरी का प्रयास जारी रखा और तीसरे प्रयास में आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा कर ही लिया. बीएसएल के यातायात विभाग के सेवानिवृत्त कर्मी अजीत कुमार प्रसाद वर्मा व गृहिणी आभा वर्मा की सुपुत्री अपूर्वा की इच्छा शुरू से ही सिविल सर्विसेज में जाने की थी, जिसे पूरा करने में माता-पिता सहित पूरे परिवार का योगदान रहा. 2014 में डीपीएस बोकारो से निकलने के बाद उन्होंने एनआइटी मणिपुर से बीटेक की डिग्री हासिल की. इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का मन बनाया. उन्होंने तैयारी शुरू की और साल 2020 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की. उन्हें डीएएन आइपीएस (दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा) कैडर आवंटित किया गया.

बचपन से ही तेजस्वी छात्रा रही है तेजस्विनी, पहले प्रयास में ही पाई कामयाबी

बीएसएल के महाप्रबंधक प्रभारी (एमआरडी) राजेश कुमार व बीएस सिटी कॉलेज में वनस्पति विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ पल्लवी प्रवीण की सुपुत्री तेजस्विनी ने डीपीएस बोकारो में नर्सरी से लेकर 12वीं तक की अपनी शैक्षिक यात्रा पूरी की. विद्यालय के शिक्षकों व उनके परिजनों ने बताया कि तेजस्विनी बचपन से ही विभिन्न सह-शैक्षिक गतिविधियों- नृत्य, वाद-विवाद आदि गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया करती थी. यूपीएससी के पहले इंजीनियरिंग और प्रबंधन में भी उसने सफलता अर्जित की है. विद्यालय की रावी हाउस की छात्रा रही तेजस्विनी ने 2018 में डीपीएस बोकारो से 12वीं करने के बाद बीआईटी मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. इस बीच मैनेजमेंट की भी तैयारी करती रही और आईआईएम कैट में 99.84 परसेंटाइल के साथ दोहरी कामयाबी पाई.

तीसरे प्रयास में सफल शुभम ने कहा : सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं

शुभम कुमार महतो का मानना है कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता. मेहनत और लगन में निरंतरता जरूरी है. इसका अनुभव उसने स्वयं के प्रयासों के साथ साझा किया. कहा कि यूपीएससी सीएसइ 2023 में पहली बार उसने 857वीं रैंक पाई थी. 2024 में 606वीं रैंक पायी. डीपीएस बोकारो के 2015 बैच के विद्यार्थी शुभम ने कहा कि समाज और देश में बदलाव लाने के उद्देश्य से ही उसकी इच्छा शुरू से ही एक आइएएस अधिकारी बनने की थी, जो इस बार साकार हो सकी. मूलतः बाघमारा (धनबाद) के जमुआटांड़, डुमरा निवासी बीसीसीएलकर्मी हीरालाल महतो व गृहिणी मंजु देवी के सुपुत्र शुभम (28) ने डीपीएस बोकारो से निकलकर बीएचयू, बनारस से बीटेक कर माइनिंग इंजीनियरिंग की, जिसमें वह गोल्ड मेडलिस्ट भी रहे.

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