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बक्सर में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र में तीन दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद सुधाकर सिंह ने किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वावलंबी बनाना और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर प्रशिक्षण के लिए चयनित महिलाओं को सिलाई मशीनों का वितरण भी किया गया। इसका लक्ष्य यह है कि प्रशिक्षण के बाद महिलाएं सिलाई-कढ़ाई के माध्यम से अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें और अपने परिवार की आय में योगदान दे सकें। सांसद सुधाकर सिंह ने इस अवसर पर कहा कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि यदि महिलाओं को सही प्रशिक्षण और संसाधन मिलें, तो वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को महिलाओं के लिए नए अवसर खोलने वाला बताया। इसी कार्यक्रम के दौरान किसानों के लिए भी एक पहल की गई। अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत सीमांत और भूमिहीन कृषकों को आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बकरियों का वितरण किया गया। किसानों को पशुपालन के माध्यम से आय बढ़ाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और उत्पादन संबंधी सहयोग भी प्रदान किया जाएगा। सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए ऐसी योजनाएं अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे न केवल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा, बल्कि सीमांत और भूमिहीन किसानों को भी आजीविका का स्थायी साधन प्राप्त होगा। यह पहल ग्रामीण महिलाओं और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के पदाधिकारी, प्रशिक्षक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और किसान मौजूद रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों से महिलाएं होंगी आत्मनिर्भर-MP:बक्सर में बोले- रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, परिवार की आय होगी दोगुनी
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