Wednesday, May 6, 2026

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JAC 12वीं के तीनों स्ट्रीम में बेटियां बनीं स्टेट टॉपर:किसान की बेटी ने कॉमर्स में लहराया परचम, दिहाड़ी मजदूर की बिटिया बनी आर्ट्स टॉपर


झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने बुधवार को 12वीं के तीनों स्ट्रीम के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए। इस बार भी छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। साइंस में धनबाद की राशीदा नाज, आर्ट्स में बोकारो की छोटी कुमारी और कॉमर्स में रांची की श्वेता प्रसाद ने राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है। आर्ट्स स्टेट टॉपर के पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। कॉमर्स स्टेट टॉपर श्वेता प्रसाद के पिता किसान हैं। वहीं, साइंस टॉपर राशीदा नाज के पिता आउटसोर्सिंग कंपनी में प्राइवेट जॉब करते हैं। आर्थिक स्थिति ज्यादा ठीक ना होने के बाद भी इन्होंने अपनी कड़ी मेहनत की और परीक्षा में परीणाम में अव्वल रहीं। श्वेता को कॉमर्स में मिले 95.6% रांची की श्वेता प्रसाद ने 500 में से 478 अंक प्राप्त कर 95.6% के साथ राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। श्वेता ने बताया कि शुरुआत में उनकी पढ़ाई में रुचि कम थी और 10वीं कक्षा से पहले उन्हें औसत अंक मिलते थे। चार्टर्ड अकाउंटेंट बनना है सपना
माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर उन्होंने 10वीं की परीक्षा में कड़ी मेहनत की। इसका परिणाम यह रहा कि उन्होंने 10वीं में 93% अंक प्राप्त किए। 10वीं के बाद से उनकी पढ़ाई के प्रति लगन बढ़ती गई, जिसका नतीजा 12वीं में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान रहा। श्वेता का सपना चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनना है। श्वेता के पिता किसान हैं और मां गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता के अलावा परिवार में एक बड़ी बहन और एक बड़ा भाई भी है, जो स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार से उन्हें भरपूर सहयोग मिला। माता-पिता ने शिक्षा के महत्व को बताया
उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता द्वारा शुरुआत से ही हम तीनों भाई बहनों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया जाता रहा है। जिसका नतीजा है कि हम तीनों ही भाई बहन पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर रहते हैं और पढ़ लिखकर इतने काबिल होना चाहते हैं ताकि हमारे माता-पिता का नाम रोशन हो सके। श्वेता ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा रांची के चुटिया स्थित एल ए गार्डन से पूरी हुई है। वहीं उन्होंने 12वीं की परीक्षा योगोदा सत्संग इंटरमीडिएट महाविद्यालय जगन्नाथपुर, धुर्वा से पूरी की है। उन्होंने बताया कि आगे वे स्नातक की पढ़ाई के साथ-साथ सीए (चार्टेड अककॉउंटेड) की तैयारी करना चाह रही हैं। प्रोफेसर बनना चाहती हैं साइंस टॉपर राशीदा
धनबाद स्थित झरिया के जमाडोबा रमजानपुर की रहने वाली राशीदा नाज ने झारखंड साइंस स्ट्रीम में टॉप कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने 489 अंक लाकर पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस सफलता से उनके परिवार और इलाके में खुशी का माहौल है। राशीदा डीएवी प्लस टू हाई स्कूल पाथरडीह की छात्रा हैं और शुरू से ही पढ़ाई में काफी मेहनती रही हैं। एक साधारण परिवार से आने वाली राशीदा के पिता प्राइवेट जॉब करते हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी। राशीदा बताती हैं कि उन्होंने ऑनलाइन क्लासेस से ज्यादा स्कूल में पढ़ाई और अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन पर भरोसा किया। उनका पसंदीदा विषय गणित है, जबकि सबसे ज्यादा अंक उन्हें केमिस्ट्री में मिले हैं। बहन ने ही पढ़ाई में मजबूत बनाया
अपनी सफलता का श्रेय राशीदा अपने परिवार और शिक्षकों को देती हैं। उन्होंने खास तौर पर अपनी बहन का जिक्र करते हुए कहा कि आठवीं कक्षा तक उन्होंने कोई कोचिंग नहीं की थी और उस समय उनकी बहन ने ही उन्हें पढ़ाई में मजबूत बनाया। राशीदा कहती हैं कि उन्हें खुद भी उम्मीद नहीं थी कि वे टॉप करेंगी, लेकिन मेहनत, आत्मविश्वास और परिवार के सहयोग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। अब उनका सपना है कि वे आगे चलकर प्रोफेसर बनें और शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दें। माता-पिता ने हर परिस्थिति में हौसला बढ़ाया: आर्ट्स टॉपर वहीं, बोकारो जिले की छोटी कुमारी ने आर्ट्स संकाय में शानदार प्रदर्शन करते हुए 478 अंक प्राप्त कर स्टेट टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। छोटी कुमारी केएन +2 हाई स्कूल, हरनाड (बोकारो) की छात्रा हैं। छोटी कुमारी की इस सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी छिपी है। उनके पिता भवानी शंकर नायक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद छोटी ने पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाते हुए निरंतर परिश्रम किया। आत्मविश्वास के बल पर यह सफलता प्राप्त की: छोटी
छोटी कुमारी ने बताया कि उन्होंने नियमित अध्ययन, शिक्षकों के मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के बल पर यह सफलता प्राप्त की है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। शिक्षकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि छोटी कुमारी अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। 15 किमी दूर से पढ़ने जाती थीं प्रियंशी, बनीं कॉमर्स थर्ड टॉपर पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा की छात्रा प्रियंशी खत्री ने 12वीं कॉमर्स में थर्ड टॉपर बनकर जिले का नाम रोशन किया है। प्रियंशी ने 500 में से 471 अंक प्राप्त कर 94.2% हासिल किए हैं। इस सफलता से परिवार, विद्यालय और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सेंट जेवियर्स गर्ल्स इंटर कॉलेज, चाईबासा की छात्रा प्रियंशी की सफलता मेहनत और संघर्ष की मिसाल है। वह रोजाना लगभग 15 किलोमीटर दूर से स्कूल पढ़ने के लिए आती थीं। लंबी दूरी तय करने के बावजूद उन्होंने कभी पढ़ाई से समझौता नहीं किया और पूरे समर्पण के साथ अपनी तैयारी जारी रखी। प्रियंशी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता संदीप खत्री, परिवार और शिक्षकों को दिया है। उनके पिता किराना दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि नियमित पढ़ाई, समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास उनकी सफलता की कुंजी रही। वह हर विषय पर बराबर ध्यान देती थीं और समय-समय पर रिवीजन करती थीं, जिससे उनकी तैयारी मजबूत होती गई। भविष्य को लेकर प्रियंशी का लक्ष्य स्पष्ट है। वह चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनना चाहती हैं और इसके लिए आगे कॉमर्स में उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगी। उनका कहना है कि अगर लक्ष्य तय हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में नहीं आ सकती।

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