बेगूसराय में सोमवार को निगरानी विभाग की एक विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए सहायक नियंत्रक मापतोल कार्यालय के लिपिक (क्लर्क) पुष्कर कुमार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी लिपिक को बटखारा (वजन माप मानक) के लाइसेंस के नवीनीकरण (रिन्यूअल) के एवज में 5000 रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोचा गया है। निगरानी विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से कार्यालय परिसर और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। आरोपी के खिलाफ पटना स्थित निगरानी थाना में कांड संख्या 62/26 दर्ज की गई है।
लाइसेंस रिन्यूअल के लिए मांगे थे पैसे
जानकारी के अनुसार बेगूसराय के सहायक नियंत्रक मापतौल कार्यालय में बटखारा के लाइसेंस के नवीनीकरण का एक मामला लंबित था। पीड़ित व्यवसाई जब अपने लाइसेंस के रिन्यूअल के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहा था, तब लिपिक पुष्कर कुमार ने इस काम को करने के बदले 5000 रुपए की रिश्वत की मांग की।

शिकायतकर्ता के आरोपों की पुष्टि के बाद आरोपी क्लर्क को सोमवार को गिरफ्तार किया गया।
पीड़ित रिश्वत की रकम नहीं देना चाहता था और वह भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ खड़ा हुआ। उसने इस बात की लिखित शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की प्रारंभिक जांच (सत्यापन) कराई, जिसमें रिश्वत मांगे जाने का दावा पूरी तरह सही पाया गया।
शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस के अधिकारियों ने बनाई टीम
शिकायत की पुष्टि होने के तुरंत बाद निगरानी ब्यूरो के वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष धावा दल (रेडिंग टीम) का गठन किया गया। योजना के मुताबिक सोमवार को जैसे ही पीड़ित व्यवसाई घूस की रकम के रूप में 5000 रुपये लेकर मापतौल कार्यालय पहुंचा और आरोपी लिपिक पुष्कर कुमार को पैसे सौंपे, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी निगरानी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद टीम ने तत्काल आरोपी के पास से रिश्वत के नोट बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। शिकायत के आधार पर मामले का सत्यापन कराया गया था और आज आरोपी लिपिक पुष्कर कुमार को 5000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया, आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

विजिलेंस की हिरासत में आरोपी क्लर्क।
आरोपी से सर्किट हाउस में विजिलेंस की टीम ने की पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद निगरानी ब्यूरो की टीम आरोपी लिपिक से सर्किट हाउस में पूछताछ कर रही है। पूछताछ और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी पुष्कर कुमार को पटना के विशेष निगरानी कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
पीड़ित ने कहा- रिश्वत के रूप में मांगे थे 10 हजार रुपए
निगरानी विभाग के डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि पीड़ित व्यवसायी उमेश साह द्वारा शिकायत की गई थी कि बटखारा का लाइसेंस सत्यापन के लिए माप-तौल कार्यालय का लिपिक पुष्कर कुमार 10 हजार रुपया मांगा रहा है। सूचना सत्यापन के बाद आज टीम यहां पहुंची और मापतौल कार्यालय में अपने सीट पर बैठे पुष्कर कुमार को पांच हजार रुपया लेते ही गिरफ्तार कर लिया गया। पीड़ित से 10 हजार मांगा गया था, जिसमें से 5 हजार डरा-धमका कर पहले ही ले लिया गया था। धमकी दिया गया था कि पैसा नहीं देने पर लाइसेंस कैंसल कर दिया जाएगा।

आरोपी क्लर्क से विजिलेंस टीम ने सर्किट हाउस में पूछताछ की।
क्लर्क ने कहा था- पैसे नहीं देने पर लाइसेंस रद्द कर दूंगा
पीड़ित उमेश साह ने बताया कि मेरा हेमरा में किराना स्टोर है। अप्रैल महीने में उसका लाइसेंस रिन्यूअल करना था हम मिलने गए तो पुष्कर कुमार ने कहा कि 10 हजार रुपया दिए बगैर रेन्वल नहीं होगा। पैसा नहीं देने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा, दुकान भी बंद करवा देंगे। काफी डराया धमकाया गया, उसे समय मेरे पास 5000 था तो 5000 पुष्कर कुमार ने ले लिया। उसके बाद फिर 5000 देने का दबाव बनाया गया था। परेशान होकर हमने पटना जाकर निगरानी विभाग में शिकायत की। उसके बाद शिकायत की जांच किया गया तो सही पाया गया। जिसके बाद आज फिर हम 5000 देने गए तो मौके पर पैसा लेते ही पुष्कर कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।

