पूर्व मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ज्योति प्रकाश मिश्रा शनिवार को विशेष ट्रेन से सहरसा जंक्शन पहुंचे।
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उन्होंने रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।
इसके बाद डीआरएम ने सहरसा रेलवे स्टेशन, यार्ड तथा अन्य रेलवे परिसरों का निरीक्षण कर चल रहे कार्यों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने पटना से सहरसा के बीच रात्रि सेवा ट्रेन चलाने की मांग पर जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रस्ताव रेलवे मंत्रालय को भेजा जा चुका है और मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद ही ट्रेन के परिचालन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

नई रेल लाइन निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा
सहरसा से लहरियासराय तक नई रेल लाइन निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। डीआरएम ने बताया कि यह मामला भी रेल बोर्ड के पास विचाराधीन है। रेल बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डीआरएम ने सहरसा रेलवे स्टेशन पर चल रहे यार्ड रीमॉडलिंग कार्य की समीक्षा की। उन्होंने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करना प्राथमिकता है।
प्रस्ताव पहले ही रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका था
सहरसा-मानसी रेलखंड के दोहरीकरण परियोजना पर उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव पहले ही रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका था। बोर्ड द्वारा परियोजना की पुनः समीक्षा के बाद पिछले छह महीनों में इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। परियोजना के तकनीकी ढांचे और वित्तीय पहलुओं पर विशेषज्ञों से फीडबैक लिया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि दोहरीकरण से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं लगभग अंतिम चरण में हैं और मामला फिलहाल रेलवे बोर्ड के समक्ष लंबित है। उम्मीद है कि बोर्ड जल्द ही इस परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लेगा। डीआरएम के दौरे से सहरसा रेल मंडल की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के जल्द आगे बढ़ने की उम्मीद बढ़ गई है।
