रिम्स की बहुमूल्य जमीन पर अतिक्रमण और अवैध खरीद-बिक्री के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जांच को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में एसीबी ने रांची नगर निगम के कंप्यूटर ऑपरेटर रमन कुमार से लंबी पूछताछ की है। पूछताछ का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि रिम्स की जमीन पर बने फ्लैट और मकानों के नक्शे आखिर किन परिस्थितियों में पास किए गए। एसीबी सूत्रों के अनुसार, ऑपरेटर से यह जानने की कोशिश की कि नक्शा पास करने की इस पूरी प्रक्रिया में किन-किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका होती है और किस स्तर पर संभावित गड़बड़ी हो सकती है। ऑपरेटर ने एजेंसी के सवालों का जवाब दिया है, जिसे अब एसीबी अन्य साक्ष्यों से मिलान कर रही है। रिम्स जमीन मामले में एसीबी अब केवल अवैध खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी प्रक्रिया की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। अब आगे क्या: अधिकारियों पर भी कस रहा शिकंजा जांच के अगले चरण में एसीबी अब उन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में है, जो नक्शा पास करने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं। सूत्रों के मुताबिक, नक्शा पास करने वाले अधिकारियों व कर्मियों को नोटिस भेजा जा रहा है, ताकि उनसे यह स्पष्ट किया जा सके कि विवादित जमीन पर निर्माण की अनुमति किन आधारों पर दी गई।
अवैध जमीन पर कैसे हुआ नक्शा पास, किन-किन लोगों की होती है जिम्मेदारी
रिम्स की बहुमूल्य जमीन पर अतिक्रमण और अवैध खरीद-बिक्री के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जांच को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में एसीबी ने रांची नगर निगम के कंप्यूटर ऑपरेटर रमन कुमार से लंबी पूछताछ की है। पूछताछ का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि रिम्स की जमीन पर बने फ्लैट और मकानों के नक्शे आखिर किन परिस्थितियों में पास किए गए। एसीबी सूत्रों के अनुसार, ऑपरेटर से यह जानने की कोशिश की कि नक्शा पास करने की इस पूरी प्रक्रिया में किन-किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका होती है और किस स्तर पर संभावित गड़बड़ी हो सकती है। ऑपरेटर ने एजेंसी के सवालों का जवाब दिया है, जिसे अब एसीबी अन्य साक्ष्यों से मिलान कर रही है। रिम्स जमीन मामले में एसीबी अब केवल अवैध खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी प्रक्रिया की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। अब आगे क्या: अधिकारियों पर भी कस रहा शिकंजा जांच के अगले चरण में एसीबी अब उन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में है, जो नक्शा पास करने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं। सूत्रों के मुताबिक, नक्शा पास करने वाले अधिकारियों व कर्मियों को नोटिस भेजा जा रहा है, ताकि उनसे यह स्पष्ट किया जा सके कि विवादित जमीन पर निर्माण की अनुमति किन आधारों पर दी गई।
