आपके प्रिय अखबार हिन्दुस्तान की ओर से बुधवार को आओ राजनीति करें के तहत सर्विस क्लास से जुड़े लोगों के साथ संवाद किया गया। लोगों ने कहा कि कर्मचारियों के टैक्स का पैसा क्षेत्र के विकास में इस्तेमाल…
आपके प्रिय अखबार हिन्दुस्तान की ओर से बुधवार को आओ राजनीति करें के तहत सर्विस क्लास से जुड़े लोगों के साथ संवाद किया गया। लोगों ने कहा कि कर्मचारियों के टैक्स का पैसा क्षेत्र के विकास में इस्तेमाल होना चाहिए। कहा कि ऐसे नेता का चुनाव किया जाए जो सदन में स्थानीय मुद्दों को उठाए।
आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ की ओर से बुधवार को ‘आओ राजनीति करें’ अभियान के तहत हिन्दुस्तान कार्यालय में संवाद का आयोजन किया। ‘हमारा नेता कैसा हो’ विषय पर आयोजित संवाद में सर्विस क्लास से जुड़े लोगों ने विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। संवाद में शिक्षक, कर्मचारी नेता समेत कई अन्य लोग पहुंचे। लोगों ने कहा कि कर्मचारी और आम लोगों के टैक्स से सरकार चलती है। लेकिन नेता दल बदलते रहते हैं। जिस कारण बार बार चुनाव भी कराने पड़ते हैं। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। वक्ताओं ने कहा कि हमारा जनप्रतिनिधि ऐसा होना चाहिए जो हमारे टैक्स के पैसों से जनता का और क्षेत्र का विकास करें। कहा कि किसी भी प्रलोभन में न आकर ऐसे नेता को चुनें जो रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा पर काम करें और धर्मनगरी की सारी समस्याओं का समाधान करें।
जनता की परेशानी में साथ आएं नेता
लोगों ने कहा कि चुनाव में आम आदमी के हक की लड़ाई लड़ने वाला प्रत्याशी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेता को जनता की परेशानी में साथ खड़ा रहना चाहिए। नेता जरूरतमंद की मदद करने वाला हो।
युवाओं के बारे में सोचने वाला हो प्रत्याशी
लोगों ने कहा कि लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी ऐसा हो जो युवाओं के बारे में सोचता हो। युवाओं के लिए काम करता हो। युवाओं के लिए रोजगार के लिए गंभीर हो। युवा हित में काम करने वाला प्रत्याशी चुनना होगा।
चेहरे को देखकर वोट करें लोग
लोगों ने कहा कि पार्टी को देखकर नहीं चेहरे को देखकर वोट दें। ऐसे नेता को वोट देना चाहिये, जो भाईचारा कायम करता हो। मजहब के नाम पर नफरत फैलाने वाले को वोट की ताकत का अहसास कराएं।
महिलाएं बोलीं
देश को जाति और धर्म के आधार पर बांटने वाले नेता ही है। धर्म और जाति से उठकर नेताओं का काम करना चाहिए। कर्मचारियों के टैक्स से मिलने वाले पैसों को जनता के विकास में लगाना चाहिए, न कि नेताओं की जेब में जाना चाहिए।
डॉ. सरस्वती पाठक, शिक्षिका
लोकसभा चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है। लोकतंत्र में सभी को वोट देने का अधिकार है। योग्य और कर्मठ नेता का चुनाव तभी होगा जब सभी लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। ऐसे नेता को वोट देना चाहिये जो भेदभाव न करता हो।
पूजा विश्वकर्मा, शिक्षिका
जरूरी नहीं है कि सभी को डॉक्टर और इंजीनियर बनाया जाय, बल्कि जो भी शिक्षा मिले उसमें पढ़ाई के बाद रोजगार मिले। देहात और शहर में पढ़ने वाले बच्चों में गैप आ रहा है। आवश्यकता है कि शहर और देहात में शिक्षा का स्तर एक किया जाए। ऐसा नेता हो जो धर्मनगरी की शिक्षा व्यवस्था सुधार सकें।
रामलाल, कर्मचारी नेता

