गिरिडीह जिले के गावां प्रखंड अंतर्गत बिरने गांव के रविदास टोला में मंगलवार को उत्सव सा माहौल रहा। गांव के पहले अग्निवीर उदय दास ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार सेना की वर्दी में अपने घर पहुंचे तो उनके स्वागत के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। उदय दास, रविदास टोला निवासी हीराल दास के पुत्र हैं। गांव की करीब 1300 की आबादी में आज तक कोई भी युवक सेना में चयनित नहीं हुआ था। ऐसे में उदय के अग्निवीर बनने से पूरे गांव को गर्व की अनुभूति हो रही है। गांव पहुंचते ही लोगों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। पहले देखिए स्वागत से जुड़ी तस्वीरें बस स्टैंड पर पहले से लोग थे मौजूद
बिरने पंचायत के मुखिया चंदन कुमार ने बताया कि उदय दास ने महाराष्ट्र के नासिक में अग्निवीर का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह ट्रेन से कोडरमा पहुंचे। वहां से बस द्वारा गावां बस स्टैंड पहुंचे, जहां गांव के लोग पहले से ही उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। बस स्टैंड पर डीजे, ढोल-नगाड़ों और फूल-माला के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद उदय को कार में बैठाकर तिरंगा यात्रा निकाली गई। गावां बस स्टैंड से लगभग 7 किलोमीटर की रैली निकालते हुए उन्हें उनके पैतृक गांव बिरने लाया गया, जहां ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई। रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए
ढोल-नगाड़ों, गाजे-बाजे और डीजे के साथ भव्य रैली निकाली गई, जिसमें उदय हाथ में तिरंगा लेकर वाहन पर खड़े होकर लोगों का अभिवादन करते नजर आए। रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में जुलूस निकाला गया।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में खासा उत्साह देखा गया। बच्चे सेना की वर्दी पहने उदय को सलामी देते नजर आए, जबकि ग्रामीणों ने उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। उदय दास की इस उपलब्धि से उनके परिजन भी बेहद भावुक और गौरवान्वित दिखे। उनकी मां निर्मला देवी ने कहा कि बेटे के इंडियन आर्मी में चयनित होने से परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। उन्होंने कहा कि उदय ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन किया है।


