Tuesday, August 4, 2026

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'गंगा की गाद से ईंट बनाने की मांग, सरकार गंभीर':ईंट भट्ठा संचालकों को खनन मंत्री ने दिया आश्वासन, बोले- रोजगार के लिए ईंट उद्योग को बढ़ावा देंगे


बिहार में ईंट निर्माण उद्योग को लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। आज को बेगूसराय में आयोजित अभिनंदन समारोह में बिहार के खान एवं भूतत्व तथा कला संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने ईंट भट्ठा संचालकों को उनकी समस्याओं के त्वरित निदान का भरोसा दिलाया है। इस दौरान बिहार ईंट निर्माता संघ ने गंगा नदी की गाद का उपयोग ईंट बनाने में करने की पुरानी मांग को फिर से प्रमुखता से उठाया है, जिस पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. चंद्रवंशी ने स्पष्ट किया कि सरकार ईंट उद्योग को बढ़ावा देना चाहती है, जिससे रोजगार के अवसर पैदा हो। भट्ठा मालिकों को परेशान करने वाले अधिकारियों को मंत्री ने चेताया मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने भट्ठा संचालकों को परेशान करने वाले अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी नाजायज ढंग से दखलंदाजी करेंगे या गड़बड़ी करेंगे, उन पर विभागीय कार्रवाई होगी। जो लोग कानूनी रूप से अपना व्यवसाय कर रहे हैं, सरकार उनके साथ खड़ी है। अवैध रूप से काम करेंगे, उन पर कार्रवाई होना तय है। विभाग के अधिकारियों और ईंट निर्माता संघ के बीच जल्द ही बैठक कराई जाएगी, जिससे एक-एक समस्या का समाधान निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रही नई टाउनशिप के कारण ईंट उद्योग को काफी बढ़ावा मिलेगा। कला एवं संस्कृति विभाग के योजनाओं की चर्चा करते हुए मंत्री डॉ. चंद्रवंशी ने कहा कि बिहार में एक नया कला विश्वविद्यालय बनाया जाएगा, जहां संगीत, नाटक, मेकअप और वाद्य यंत्रों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बेगूसराय के तेघड़ा में कृष्ण जन्माष्टमी के 100 साल पूरे होने पर भव्य आयोजन किया जाएगा। बेगूसराय के जीर्ण-शीर्ण संग्रहालय की स्थिति सुधारी जाएगी। पर्यावरण क्लीयरेंस की जटिलता से त्रस्त हैं भट्ठा मालिक बिहार ईंट निर्माता संघ के अध्यक्ष मुरारी कुमार मन्नू ने कहा है कि आज के दौर में व्यावहारिक रूप से कानून का पालन न हो पाने के कारण, मजबूरी में भट्ठा संचालकों से कानून का उल्लंघन होता है। छोटे भूखंडों पर मिट्टी खनन करना पड़ता है, और अनुपजाऊ रैयती जमीनें साल भर जलजमाव के बाद सिर्फ गर्मियों में ही सूखती हैं, तभी खनन हो पाता है। पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र (EC) की लंबी और जटिल प्रक्रिया के बदले एक सरल निर्देशिका जारी की जाए। यदि खनन में कोई गड़बड़ी हो तो सरकार जुर्माना वसूले, लेकिन अनावश्यक जटिलताओं से बचाए। EC रहने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा भट्ठा संचालकों को लूटा जाता है, जिससे उन्हें करोड़ों का नुकसान होता है। गंगा की गाद से ईंट बनाने का विकल्प ईंट निर्माता संघ ने 2017 में तत्कालीन जल संसाधन मंत्री संजय झा के समक्ष भी एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा था। गंगा और उसकी सहायक नदियों से निकलने वाली गाद का उपयोग ईंट बनाने में करने की अनुमति दी जाए। अभी गंगा की गाद बहकर दूसरे राज्यों में चली जाती है। बिहार सरकार इसे बेचे तो उसे भारी राजस्व की प्राप्ति होगी और ईंट निर्माताओं को भी बड़ा लाभ मिलेगा। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर मे ईट का व्यवसाय काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। हम कानून पालन करते हैं, इसके बाबजूद हमें प्रशासनिक तंत्र द्वारा लूटा जाता है। कार्यक्रम में विधान पार्षद सर्वेश कुमार, बेगूसराय विधायक कुंदन कुमार, ईंट भट्टा चिमनी संघ के बबलू कुमार सहित बेगूसराय के अलावा बिहार के अन्य हिस्सों से भी लोग आए हुए थे।

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