Wednesday, May 13, 2026

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जाले में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना का ‘अजब’ नमूना:560 मीटर लंबी सड़क के बीच खड़े हैं बिजली के खंभे, 54 लाख खर्च के बाद भी गांव में घुस नहीं सकती चारपहिया


दुनिया में 7 अजूबे हैं, लेकिन अगर आपको आठवां अजूबा देखाना है तो दरभंगा जिले के जाले नगर परिषद के बार्ड नंबर दो का रूख करिए। यहां आपको बिहार सरकार द्वारा बनाया गया अदभुद मुजस्सिमा देखने को मिलेगा। यहां मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाए गए सड़क के बीच में ही बिजली के खंभे लगे हुए हैं। शायद इस बात का ध्यान रखा गया कि स्थानीय लोगों को दिक्कत हो तो हो लेकिन बिजली विभाग को अतिरिक्त काम ना करना पड़े। आलम भी यहीं है। जाले नगर परिषद के वार्ड दो स्थित खेसर में नवनिर्मित सड़क के बीचों-बीच बिजली के खंभे खड़े होने से स्थानीय लोगों के भारी परेशानी हो रही है। गांव में करीब तीन-चार महीने से यानि जबसे ये सड़क बनी है तब से चारपहिया वाहनों का आवागमन बाधित है। ये आलम तब है जब मुख्यमंत्री ग्रामीण विकास योजना के तहत बनी ये सड़क 560 मीटर लंबी और 12 फीट चौड़ी है। इसको बनाने में 54.877 लाख रुपए की लागत भी लगी है। लेकिन शायद उद्देश्य यही होगा की पैसा लगे तो लगे बस चारपहिया गांव में ना घुसे। वहीं बेचारे दो पहिया वाहन वाले भी रफ्तार में गाड़ी नहीं चला पा रहे हैं। ठेकेदार ने एक नहीं सुनी, बीच सड़क में खंभे रहने दिए स्थानीय निवासी और वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अर्जुन सदा ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान ही ठेकेदार से बीच सड़क में खंभे होने की शिकायत कई बार की गई थी। हालांकि, इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई और निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक न तो बिजली के खंभे हटाए गए हैं और न ही किसी अधिकारी ने स्थल का निरीक्षण किया है। खेती करने में किसानों को हो रही दिक्कत वार्डवासियों के अनुसार, सड़क के बीच खंभे होने से किसानों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। खेती से जुड़े सामान और फसल के परिवहन में भारी दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के बावजूद अगर वाहन नहीं चल पा रहे हैं, तो विकास कार्य किए जाने का फायदा ही क्या है? विधायक के नगर विकास एवं आवास विभाग मंत्री रहते बना अजूबा दरभंगा में यह आठवां अजूबा तब बना जब जाले विधानसभा क्षेत्र के विधायक जीवेश कुमार बिहार सरकार में नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री थे। इस सड़क का निर्माण संवेदक सतीश कुमार ठाकुर द्वारा कराया गया है, जिसकी कार्यकारी एजेंसी कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल दरभंगा-2 है। सड़क की लंबाई 0.560 किलोमीटर है और यह आरडीसी रोड खेसर से साहूजी तक बनी है। इसके पांच वर्षीय अनुरक्षण के लिए 4.0746 लाख रुपए का प्रावधान भी किया गया है। बिजली विभाग के जेई बोले – हमें जानकारी नहीं इस संबंध में जब जाले बिजली विभाग के जेई कुमार गौरव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। वहीं, जाले नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुंदरम सानंद ने मामले से अपना पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि उन्हें सड़क पर बिजली के खंभे होने की जानकारी मिली है, लेकिन यह सड़क नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती है। हालांकि उन्होंने जल्द समाधान की उम्मीद जताई और कहा कि यह सड़क आरडब्ल्यूडी (ग्रामीण कार्य विभाग) के अंतर्गत आती है और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा दिया गया है। संवेदक सतीश कुमार ठाकुर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या पहले जैसी ही बनी हुई है। सड़क बनने के बावजूद चारपहिया वाहन नहीं चल पा रहे हैं और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

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