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चाकुलिया चाकुलिया के अमलागोड़ा में 30 करोड़ रुपये की लागत से 78 हेक्टेयर में बन रहे इकोलॉजिकल डाइवर्सिटी पार्क से जुड़े मजदूरों ने सात महीने से बकाया मजदूरी नहीं मिलने पर शुक्रवार को वन विभाग कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। मजदूरों ने बताया कि भुगतान नहीं होने से घर चलाना मुश्किल हो गया है। दुर्गा पूजा के दौरान बच्चों के कपड़े, स्कूल फीस और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रहीं। प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए कार्यालय के मुख्य गेट पर बाहर से कुंडी लगा दी गई, जिससे अंदर मौजूद कर्मचारी फंस गए। बाद में ताला खोल दिया गया। सूचना पर प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। डीएफओ सबा आलम अंसारी के निर्देश पर प्रभारी वनपाल संतोषील घोष ने लिखित आश्वासन दिया कि 26 अक्टूबर तक भुगतान पूरा कर दिया जाएगा। मजदूरों ने कहा कि पूरा पैसा मिलने तक पार्क में काम बंद रहेगा। हस्तक्षेप के बाद मजदूर वापस लौट गए, लेकिन उन्होंने भुगतान की तय तारीख तक स्थिति साफ होने की बात कही। मजदूरों में जया पातर ने बताया कि स्कूल फीस भरने के लिए उन्हें मोबाइल 6 हजार रुपये में बेचना पड़ा। मजदूरों का कहना है कि वे लगातार काम कर रहे हैं, फिर भी सात महीने से भुगतान नहीं मिला। उन्होंने बकाया राशि जल्द जारी करने की मांग की। इसी तरह, चाकुलिया क्षेत्र में जंगली हाथियों को भगाने के लिए तैनात क्यूआरटी के सदस्यों ने भी सात महीने से मानदेय नहीं मिलने का आरोप लगाया है। टीम ने बताया कि हाजिरी लग रही है, लेकिन भुगतान नहीं होने से वे हाथी भगाने के लिए जंगल में नहीं जा रहे हैं। परियोजना स्थल पर कॉटेज निर्माण समेत अन्य काम जारी हैं। मजदूरों की नजर 25–26 अक्टूबर पर है।
दुर्गा पूजा में बच्चों के कपड़ों के लिए तरसे परिवार:स्कूल फीस भरने के लिए मोबाइल बेच देने को मजबूर हुई महिला
