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ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के लीज क्षेत्र में कोयले के अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने शुक्रवार को कोयला माफिया अनूप मांझी उर्फ लाला के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने लाला सिंडिकेट से जुड़ी 136.44 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर ली। इनमें पुरुलिया का गढ़ पंचकोट इको टूरिज्म और बांकुड़ा का बिहारीनाथ इको टूरिज्म रिसॉर्ट शामिल है। इसके अलावा कोलकाता में दो संपत्तियां भी जब्त की है। साथ ही शेल कंपनियों के बैंक खातों में जमा नकदी और लाला के परिजनों के शेयर व म्यूचुअल फंड में निवेश शामिल है। इससे पहले लाला सिंडिकेट की 678.64 करोड़ की संपत्ति जब्त हो चुकी है। ईडी के मुताबिक खदानों से चोरी, सैकड़ों ट्रकों की बेरोकटोक आवाजाही बिना प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं था। ईडी अब उन्हें ढूंढ़ रही है, जिनके खाते में कमीशन भेजा जाता था। रिसॉर्ट्स में खपाई अपराध की काली कमाई जांच एजेंसी के मुताबिक कोयले की राशि शेल कंपनियों के खातों में फर्जी बोगस एंट्री के जरिए डाली गई, ताकि इसके असली स्रोत का पता न चले। ईडी के जब्ती नोट के मुताबिक अपराध की इसी काली कमाई का बड़ा हिस्सा लाला ने रिसॉर्ट्स और टूरिज्म प्रोजेक्ट खड़ा करने में लगाया। एजेंसी का कहना है कि यह पूरी संपत्ति अपराध की आय से जुटाई गई है। ईडी जांच में पता चला है कि लाला का सिंडिकेट ईसीएल के खदान क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कोयले का अवैध खनन और चोरी करता था। इस कोयले को बंगाल की फैक्ट्रियों को नकद में बेचता था। काले धन को सफेद करने के लिए उसने कई शेल कंपनियां बनाई थीं। जांच में पता चला कि इन कंपनियों का वास्तविक नियंत्रण अनूप मांझी के हाथ में था, लेकिन कागजों पर इनका रिश्तेदारों, कर्मचारियों और मुख्य सहयोगी गुरुपदा माझी के नाम पर रजिस्टर्ड कराया था। चुकी है। ईडी के मुताबिक खदानों से चोरी, सैकड़ों ट्रकों की बेरोकटोक आवाजाही बिना प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं था। ईडी अब उन्हें ढूंढ़ रही है, जिनके खाते में कमीशन भेजा जाता था।
सिंडिकेट की 815 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त:कोयला माफिया लाला के 2 रिसॉर्ट्स समेत 136 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त
