भास्कर न्यूज|लोहरदगा/ कुडू कुडू बस स्टैंड के समीप नव निर्मित हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा तीन दिवसीय महायज्ञ पुर्ण आहुति के साथ संपन्न होने के बाद प्रसाद वितरण और महाआरती का आयोजन हुआ। इससे पूर्व हनुमान मंदिर में स्थापित बजरंग बली की प्रतिमा में विधी विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद विभिन्न पूजन कार्य पुरोहित रमेश मिश्र ने पूर्ण कराया। हवन व पूजन कार्यक्रम का समापन महाआरती के साथ किया गया। यजमान आकाश कुमार राजा व पत्नी सुहानी अनु, देव प्रसाद चौधरी व पत्नी सहित अन्य यजमानों को पुरोहित रमेश मिश्र ने हवन कराया। पूर्णाआहुति के बाद महाआरती कराई गई। महाआरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। इधर भंडारा का सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। तीन दिवसीय हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ के मौके पर पुरोहित रमेश मिश्र ने बताया प्राण प्रतिष्ठा का मूल मंत्र है मूर्ति को साधारण पत्थर से जीवंत देव स्वरूप में बदलना, ताकि भक्त उनकी पूजा और आशीर्वाद प्राप्त कर सकें। मौके पर सैकड़ों लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद भी सैकड़ों की संख्या में लोग मंदिर दर्शन के लिए पहुंचते रहे।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद महाआरती व प्रसाद वितरण किया
भास्कर न्यूज|लोहरदगा/ कुडू कुडू बस स्टैंड के समीप नव निर्मित हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा तीन दिवसीय महायज्ञ पुर्ण आहुति के साथ संपन्न होने के बाद प्रसाद वितरण और महाआरती का आयोजन हुआ। इससे पूर्व हनुमान मंदिर में स्थापित बजरंग बली की प्रतिमा में विधी विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद विभिन्न पूजन कार्य पुरोहित रमेश मिश्र ने पूर्ण कराया। हवन व पूजन कार्यक्रम का समापन महाआरती के साथ किया गया। यजमान आकाश कुमार राजा व पत्नी सुहानी अनु, देव प्रसाद चौधरी व पत्नी सहित अन्य यजमानों को पुरोहित रमेश मिश्र ने हवन कराया। पूर्णाआहुति के बाद महाआरती कराई गई। महाआरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। इधर भंडारा का सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। तीन दिवसीय हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ के मौके पर पुरोहित रमेश मिश्र ने बताया प्राण प्रतिष्ठा का मूल मंत्र है मूर्ति को साधारण पत्थर से जीवंत देव स्वरूप में बदलना, ताकि भक्त उनकी पूजा और आशीर्वाद प्राप्त कर सकें। मौके पर सैकड़ों लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद भी सैकड़ों की संख्या में लोग मंदिर दर्शन के लिए पहुंचते रहे।


