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बक्सर में इटाढ़ी रेलवे गुमटी को फिर से खोलने की मांग को लेकर बुधवार को पूर्व सैनिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बिहार राज्य इंडियन एक्स सर्विसमेन मूवमेंट (आईईएसएम) की बक्सर जिला इकाई के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला चेयरमैन डॉ. मेजर पी.के. पांडेय और जिलाध्यक्ष सूबेदार हरेंद्र तिवारी ने किया। पूर्व सैनिकों ने रेलवे और राज्य सरकार से जनहित में गुमटी को अविलंब चालू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने बताया कि लंबे समय से रेलवे गुमटी बंद होने के कारण इटाढ़ी और आसपास के हजारों लोगों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और दैनिक यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। बच्चों को स्कूल आने-जाने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे वे समय पर घर नहीं पहुंच पाते और कई विद्यार्थियों की कोचिंग कक्षाएं भी छूट रही हैं। वहीं, आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी देरी हो रही है। डॉ. मेजर पी.के. पांडेय ने कहा कि रेलवे गुमटी जनता की सुविधा के लिए बनाई गई थी और इसे लंबे समय तक बंद रखना जनहित के खिलाफ है। उन्होंने बिहार सरकार और रेलवे प्रशासन से तत्काल पहल कर गुमटी खोलने और लोगों की परेशानी दूर करने की अपील की। जिलाध्यक्ष सूबेदार हरेंद्र तिवारी ने इसे आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा बताते हुए प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाने और शीघ्र समाधान निकालने का आग्रह किया। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई मांग-जिला उपाध्यक्ष जिला उपाध्यक्ष सूबेदार विद्यासागर चौबे ने रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ओवरब्रिज बनने के बाद लोगों को राहत मिली थी, लेकिन पुल में दरार आने के कारण उसे बंद कर दिया गया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि निर्माण में हुई खामियों की सजा आम जनता और स्कूली बच्चों को नहीं मिलनी चाहिए। चौबे ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और जल्द वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की। पूर्व सैनिकों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में कैप्टन बी.एन. पांडेय, लेफ्टिनेंट आर.बी. ओझा, सूबेदार मेजर आर.बी. सिंह, पेटी ऑफिसर सुरेंद्र सिंह, सूबेदार सुदामा प्रसाद, कैप्टन आर.सी. पाल, द्वारिका पांडेय, भरत मिश्रा, धनंजय दुबे, मदन सिंह सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।

