
कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस की सभा में स्पीकर के तौर पर अपना नाम नहीं देख सांसद कल्याण बनर्जी बेहद नाराज हैं. कल्याण ने सोशल मीडिया पर एक बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की. उन्होंने वक्ताओं की सूची में अपना नाम न होने पर नाराजगी जताई है और कहा कि ममता बनर्जी गुट का यह फॉर्मूला पार्टी का अंत कर देगा.
पार्टी के साथ लगातार खड़े हैं कल्याण
तृणमूल कांग्रेस पार्टी की हार के बाद 20 सांसदों ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ दिया है. वे एनसीपीआई में शामिल हो गए हैं. हालांकि, सुप्रीमो ममता का साथ न छोड़ने वाले कुछ गिने-चुने लोगों में से एक सेरामपुर सांसद कल्याण बनर्जी हैं. 21 जुलाई को लौटने के बाद उनकी आवाज में अफसोस झलक रहा था.
देर रात किया सोशल मीडिया पर पोस्ट
तृणमूल कांग्रेस की सभा में कल्याण बनर्जी ने 21 जुलाई को भाषण दिया. वहां से उन्होंने पार्टी के रीतब्रत गुट पर तीखा हमला बोला. उन्होंने भाजपा को भी नहीं छोड़ा. हालांकि, चंद घंटे बाद 21 जुलाई की रात को कल्याण ने अचानक एक पोस्ट किया. उन्होंने लिखा- सांसदों में सौगता रॉय के अलावा कोई दूसरा नाम नहीं है.
पार्टी को एकजुट रखने की पहल
उन्होंने ममता बनर्जी के मुश्किल समय में कार्यकर्ताओं को संगठित करने के लिए अपने जिलेवार दौरे के बारे में भी लिखा. उन्होंने कहा-पिछले दो महीनों से मैं कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए जिलेवार दौरा कर रहा हूं, लेकिप बाकी लोग गिरफ्तारी के डर से बाहर नहीं आए हैं. अभिषेक बनर्जी का नाम लिये बिना उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के सूत्र पार्टी को खत्म कर देंगे.
ममता की अनुमति से बोला
कल्याण ने आगे लिखा कि वक्ताओं की सूची में सौगत के अलावा उपासना और प्रियंका के नाम भी थे. हालांकि, उनके अनुपस्थित रहने पर उन्होंने बोलना शुरू किया. इसी बीच, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी मंच पर आ गए, इसलिए वे चुप हो गए. फिर ममता की अनुमति से उन्होंने दोबारा बोलना शुरू किया.
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ममता पर जाहिर करते रहे हैं नाराजगी
भले ही कल्याण के ममता बनर्जी से अच्छे संबंध हैं, लेकिन उन्होंने कई मौकों पर अभिषेक बनर्जी के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की है. इससे पहले, उन्होंने अभिषेक द्वारा मामले को दूसरे वकील को सौंपने पर बहुत नाराजगी जताई थी. उन्होंने अभिषेक पर सीधा हमला किया था. हालांकि बाद में मामला सुलझ गया, लेकिन उन्होंने एक बार फिर पार्टी के आंतरिक मामलों को लेकर पोस्ट किया.
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