Tuesday, June 2, 2026

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'रोटी-भुजिया, प्याज-मिर्च था नीतीश कुमार का पसंदीदा भोजन':CM पद छोड़ने पर दोस्त ने सुनाई कहानी, संघर्ष के दिनों में चाय दुकान पर घंटों चर्चा करते थे


दो दशकों तक लगातार बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब बिहार की राजनीति से अलग हो गए हैं। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद उनकी पुरानी राजनीतिक यात्रा की कई यादें फिर ताजा हो गई हैं। खासकर मुजफ्फरपुर से उनका गहरा रिश्ता और धर्मशाला चौक स्थित उनके पुराने मित्र भोला जी की चाय दुकान, जो कभी उनकी छात्र राजनीति का प्रमुख अड्डा हुआ करती थी। यही वह जगह थी जहां चाय की चुस्कियों के बीच सियासी रणनीतियां बनती थीं। आंदोलन की दिशा तय होती थी। नीतीश कुमार ने छात्र जीवन में मुजफ्फरपुर को अपनी राजनीति का केंद्र बनाया था। 1974 के जेपी आंदोलन और इमरजेंसी के दौर में धर्मशाला चौक स्थित भोला जी की छोटी सी चाय दुकान एक तरह से राजनीतिक अड्डा बन गई थी। यहां नीतीश कुमार अपने साथियों के साथ बैठकर घंटों चर्चा करते थे और आगे की रणनीति तैयार करते थे। नीतीश कुमार के दोस्त भोला जी ने सुनाई पूर्व CM की अनसुनी कहानी…
कार्यकर्ता के घर रहते, रोटी भुजिया खाते थे नीतीश भोला जी बताते हैं कि उस समय संसाधनों की कमी के बावजूद नीतीश कुमार का संघर्ष और समर्पण साफ झलकता था। मुजफ्फरपुर आने पर उनके ठहरने की व्यवस्था किसी कार्यकर्ता के घर साधारण तरीके से की जाती थी। खाने में रोटी, भुजिया, प्याज और मिर्च, यही उनका पसंदीदा भोजन था, जिसे वे साथियों के साथ बैठकर बड़े चाव से खाते थे। कई बार 20-25 लोग एक साथ बैठकर भोजन करते और फिर राजनीतिक योजनाओं पर चर्चा होती। CM बनने के बाद भी निभाई दोस्ती सबसे खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी नीतीश कुमार ने अपने पुराने रिश्तों को कभी नहीं भुलाया। वे जब-जब मुजफ्फरपुर आए, भोला जी की चाय दुकान पर जरूर पहुंचे, उनसे मुलाकात की और पुराने दिनों को याद किया। कई बार उन्होंने भोला जी को अपने पास बुलाकर भी मुलाकात की। यह उनके स्वभाव का हिस्सा रहा कि उन्होंने छात्र राजनीति के समय बनी दोस्ती को सत्ता में आने के बाद भी उसी आत्मीयता से निभाया। राज्यसभा जाना सही फैसला अब जब नीतीश कुमार राज्यसभा चले गए हैं तो भोला जी ने इस फैसले को सही बताया। उनका कहना है कि नीतीश कुमार ने बिहार को काफी बदला है और अब नए लोगों को भी मौका मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार का स्वभाव हमेशा से ऐसा रहा है कि उन्होंने अपनी राजनीति को सिर्फ अपने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि दूसरों को भी आगे बढ़ने का अवसर दिया। साथ ही निशांत के CM बनने पर भोला जी ने कहा कि अभी CM तो नहीं लेकिन अब समय आ गया है कि निशांत को राजनीति में सक्रिय होना चाहिए। अब मिलने में होगी आसानी भोला जी ने मुस्कुराते हुए कहा कि अब शायद उनसे मिलना और आसान हो जाएगा। मुख्यमंत्री रहते हुए प्रोटोकॉल के कारण कई बार मुलाकात में दिक्कत होती थी, लेकिन अब दिल्ली में समय निकालकर उनसे मिलना संभव हो सकेगा।

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