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बिहार शरीफ जिला न्यायालय परिसर स्थित विधिक सेवा सदन में 30 अप्रैल को वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर सिंह मल्होत्रा ने बैठक में कई अहम निर्देश दिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधिक सेवा प्राधिकार अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर सिंह मल्होत्रा ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित सुलहनीय मामलों की पहचान कर उनकी सूची तुरंत तैयार करें। न्यायाधीश मल्होत्रा ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि संबंधित पक्षकारों को समय पर नोटिस जारी किए जाएं। इसका उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक लोग लोक अदालत में भाग लेकर आपसी सहमति से अपने मामलों का निपटारा कर सकें। बैठक में प्री-सिटिंग स्तर पर निपटाए गए मामलों के अवार्ड की सूची की समीक्षा की गई। इसे शीघ्र तैयार करने का निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त, सभी संबंधित फाइलों का अवलोकन कर उनकी उपलब्धता की जानकारी भी ली गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने लोक अदालत के मुख्य उद्देश्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य आम लोगों, विशेषकर गरीब और जरूरतमंदों को सुलभ और त्वरित न्याय प्रदान करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लोक अदालत में आने वाला कोई भी पक्षकार बिना समाधान के वापस न लौटे। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजेश कुमार गौरव ने बताया कि इस बार लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों का भी निपटारा किया जाएगा। इस पहल से आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों, बैंकों और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय बैठकें लगातार आयोजित की जा रही हैं।


