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भारत वर्ष के नौ राज्यों सहित रेलवे की टीमों के 900 सौ बच्चें लोहरदगा में आयोजित राष्ट्रीय जनजातीय सम्मेलन में हिस्सा ले रहे है। जनजातीय संस्कृति के रंगों से सजा कैंप देश की संस्कृति को प्रस्तुत करने का काम कर रही है। भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के तत्वावधान में लोहरदगा के चीरी डायट में आयोजित नेशनल ट्राइबल मीट इन दिनों देश की विविध जनजातीय संस्कृतियों के अद्भुत संगम का केंद्र बना हुआ है। 10 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस राष्ट्रीय स्तर के जनजातीय सम्मेलन में नौ राज्यों के साथ-साथ रेलवे सहित विभिन्न टीम के लगभग 900 सौ बच्चें भाग ले रहे हैं। 9 अगस्त को आदिवासी दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि झारखण्ड राज्य के राज्यपाल संतोष गंगवार होंगे। इसके साथ ही विशिष्ट अतिथि पूर्व डिप्टी सीएम सुदेश कुमार महतो और पूर्व राज्य सभा सांसद धीरज प्रसाद साहू होंगे। प्रतिदिन डायट चिरी में विभिन्न राज्यों से आए बच्चें अपनी-अपनी जनजातीय परंपराओं, लोकनृत्यों, लोकगीतों, वेशभूषा और सांस्कृतिक विरासत की मनमोहक प्रस्तुति देने का काम कर रहे है। लोहरदगा में हो रहा जनजातीय सम्मेलन कैंप नहीं बल्कि एक छत के नीचे हिंदुस्तान उभर कर सामने आ रहा है। कैंप में आने वाले अतिथि और निरीक्षण करने वाले पदाधिकारी बच्चों की प्रस्तुतियों और यहां की सांस्कृतिक विविधता को देखकर अभिभूत हैं। लगभग हर अतिथि की जुबान पर यही बात सुनने को मिल रही है कि यह केवल कैंप नहीं है, बल्कि यहां हिंदुस्तान बसा हुआ है। वास्तव में भारत की ‘विविधता में एकता’ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन इस कैंप में देखने को मिल रहा है। अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से आए बच्चे अपनी विशिष्ट जनजातीय संस्कृति को प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दे रहे हैं कि भाषा, वेशभूषा, खान-पान और परंपराएं भले अलग हों, लेकिन भारत की सांस्कृतिक आत्मा एक है। यहां संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी निरंतर विधायक डॉ रामेश्वर उरांव, पूर्व राज्य सभा सांसद धीरज प्रसाद साहू , डीसी संदीप कुमार मीना, एसपी सादिक अनवर रिजवी, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैंप में बच्चों के लिए रहने, भोजन, प्रशिक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है। जिला संगठन आयुक्त लोहरदगा गौतम लेनिन की राष्ट्रीय जनजातीय सम्मेलन के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है।जिला परिषद अध्यक्ष सुखदेव उरांव भी जनजातीय सम्मेलन में पहुंचकर बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की। इन्होंने विभिन्न राज्यों के बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया और उनकी प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की। इन्होंने कहा कि भले ही वे इसी क्षेत्र से आते हैं, लेकिन कैंप में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए बच्चों की संस्कृति और परंपराओं को देखकर ऐसा महसूस होता है कि थोड़े-बहुत अंतर के बावजूद पूरे देश की सांस्कृतिक आत्मा एक है। नेशनल ट्राइबल मीट में 9 अगस्त को महामहिम राज्यपाल के आगमन का कार्यक्रम निर्धारित है। राज्यपाल महोदय कैंप में पहुंचकर विभिन्न राज्यों से आए बच्चों से मुलाकात करेंगे तथा उनकी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवलोकन करेंगे। उनके आगमन को लेकर कैंप में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। पिछले दो दिनों से कैंप की सभी गतिविधियां अत्यंत अनुशासित, व्यवस्थित और उत्साहपूर्ण वातावरण में संचालित हो रही हैं। देश के विभिन्न राज्यों से आए बच्चों का यह संगम न केवल जनजातीय संस्कृति को समझने और साझा करने का अवसर प्रदान कर रहा है, बल्कि राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक समन्वय का जीवंत संदेश भी दे रहा है।नेशनल ट्राइबल मीट लोहरदगा में वास्तव में भारत की विविधता में एकता का जीवंत स्वरूप प्रस्तुत कर रहा है, जहां अलग-अलग राज्यों से आए बच्चे मिलकर एक ऐसे भारत की तस्वीर पेश कर रहे हैं, जिसमें अनेक संस्कृतियां हैं, लेकिन भावना और आत्मा एक है।


