शेखपुरा में सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों सुहागिन महिलाओं ने पीपल वृक्ष की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की। सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर महिलाओं की भीड़ देखी गई। ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या को विशेष मानते हुए, महिलाओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी उम्र, धन-धान्य तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। महिलाओं ने ब्राह्मणों को दिया दान पीपल वृक्ष की परिक्रमा के उपरांत महिलाओं ने सत्यवान और सावित्री की कथा सुनी और ब्राह्मणों को दान दिया। इस अमावस्या के साथ ही अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) का समापन हो गया, जिसके बाद पिछले एक माह से रुके हुए सभी मांगलिक कार्य पुनः शुरू हो जाएंगे। सोमवती अमावस्या के इस आयोजन में महिलाएं नए परिधानों में सजकर अपने आसपास के पीपल के पेड़ों के नीचे पूजा-अर्चना करती दिखीं। शेखपुरा और बरबीघा के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही सुहागिन महिलाओं में इस व्रत को लेकर खासा उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में महिलाएं टोलियां बनाकर पीपल वृक्ष के नीचे पूजा और परिक्रमा करती रहीं। कई स्थानों पर तो सूर्योदय से पहले ही महिलाओं की भीड़ पीपल वृक्षों के आसपास जमा हो गई थी।
सोमवती अमावस्या पर महिलाओं ने की पीपल वृक्ष की पूजा:पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की, ब्राह्मणों को दिया दान
शेखपुरा में सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों सुहागिन महिलाओं ने पीपल वृक्ष की परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की। सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर महिलाओं की भीड़ देखी गई। ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या को विशेष मानते हुए, महिलाओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी उम्र, धन-धान्य तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। महिलाओं ने ब्राह्मणों को दिया दान पीपल वृक्ष की परिक्रमा के उपरांत महिलाओं ने सत्यवान और सावित्री की कथा सुनी और ब्राह्मणों को दान दिया। इस अमावस्या के साथ ही अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) का समापन हो गया, जिसके बाद पिछले एक माह से रुके हुए सभी मांगलिक कार्य पुनः शुरू हो जाएंगे। सोमवती अमावस्या के इस आयोजन में महिलाएं नए परिधानों में सजकर अपने आसपास के पीपल के पेड़ों के नीचे पूजा-अर्चना करती दिखीं। शेखपुरा और बरबीघा के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही सुहागिन महिलाओं में इस व्रत को लेकर खासा उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में महिलाएं टोलियां बनाकर पीपल वृक्ष के नीचे पूजा और परिक्रमा करती रहीं। कई स्थानों पर तो सूर्योदय से पहले ही महिलाओं की भीड़ पीपल वृक्षों के आसपास जमा हो गई थी।


