![]()
30 नवंबर को होगा अंतिम प्रकाशन, फर्जी व दोहरे नाम हटाए जाएंगे झारखंड में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर नया अपडेट आया है। राज्य में चल रहे एसआईआर अभियान के तहत अब तक ऐसे 32 लाख से अधिक मतदाता जिन्हें नोटिस भेजा गया था, उनकी सुनवाई पूरी कर ली गई है। ऐसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जुड़ेंगे। हालांकि, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने अभी यह रिपोर्ट जिलावार जारी नहीं की है। पर, आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी कि 32 लाख से अधिक वोटरों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। डेटा मिलान और भौतिक सत्यापन के चरण में खड़े करीब 26 लाख अन्य वोटरों की सुनवाई होनी बाकी है। इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को शत-प्रतिशत त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है। जिन लोगों के नाम, पते, आयु या नागरिकता संबंधी दस्तावेजों में विसंगतियां पाई गई थीं, उन्हें नोटिस जारी किया गया था। जिन 32 लाख वोटरों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, उनके आवेदनों का निस्तारण तेजी से किया जा रहा है। पात्र पाए गए मतदाताओं के नाम सूची में सुरक्षित रखे जा रहे हैं, जबकि फर्जी या दोहरे पाए गए नामों को विलोपित करने की प्रक्रिया शुरू होगी। वह सब कुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है
नोटिस मिलने पर क्या करें
जिन 26 लाख लोगों की सुनवाई अभी बाकी है, उन्हें संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) या बीएलओ के समक्ष उपस्थित होना होगा।
जरूरी दस्तावेज : सुनवाई के दौरान आवेदकों को अपने पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म तिथि का प्रमाण तथा नोटिस की मूल प्रति साथ लानी होगी।
अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई : यदि नोटिस पाने वाला व्यक्ति दी गई तिथि पर सुनवाई में शामिल नहीं होता है या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाने का फैसला लिया जा सकता है। नोटिस का निष्पादन 22 अक्तूबर तक होगा
नो-मैपिंग एवं लॉजिकल गलतियों वाले मामलों में जारी प्रथम व द्वितीय नोटिस का निष्पादन 22 अक्टूबर 2026 तक।
अन्य गैर-नोटिस मामलों का निष्पादन 31 अक्टूबर 2026 तक।
सभी प्राप्त दावों व आपत्तियों (फॉर्म 6, 6ए, 7 एवं 8) का डिजिटाइजेशन 31 अक्टूबर तक।
छूटे हुए पात्र नागरिकों के फॉर्म-6 का डिजिटाइजेशन 1 नवंबर से 12 नवंबर तक।
डीईओ, ऑब्जर्वर एवं सीईओ द्वारा निष्पादित नोटिसों की चेकिंग एवं सुपर-चेकिंग 1 नवंबर से 21 नवंबर तक। ईसीआईनेट में नेशनल हाउस नंबर, नजरी नक्शा, की-मैप, गूगल मैप व मतदान केंद्रों की फोटो अपडेट करना 1 नवंबर से 23 नवंबर तक।
सभी दावों और आपत्तियों का अंतिम निस्तारण 23 नवंबर तक।
आयोग से अंतिम प्रकाशन की अनुमति व प्रिंटिंग 24 नवंबर से 29 नवंबर तक।
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर को होगा।
26 लाख वोटरों की जांच अभी बाकी:एसआईआर : 32 लाख से अधिक मतदाताओं की सुनवाई पूरी हुई, इनके नाम जुड़ेंगे लिस्ट में
