सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायकेला में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब लेखा-जोखा का पेच स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी पड़ता दिख रहा है। दवाओं की खरीद से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिल पाने के कारण कथित दवा खरीद में अनियमितता का संदेह गहरा रहा है। पूर्व प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक रवि मिश्रा द्वारा प्रखंड लेखा प्रबंधक (बीएएम) का अतिरिक्त कार्य संभालने के दौरान किए गए वित्तीय कार्यों का पूरा हिसाब भी नए बीएएम को नहीं मिल पाने की बात सामने आ रही है। मिली जानकारी के अनुसार, रवि मिश्रा के स्थानांतरण के बाद राजेश कुमार ने नए प्रखंड लेखा प्रबंधक (बीएएम) के रूप में योगदान दिया है। हालांकि, उन्हें अब तक पूर्व के लेखा-जोखा का पूरा हिसाब-किताब नहीं मिल पाया है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व लेखा प्रबंधक की ओर से नए बीएएम को आवश्यक कागजी दायित्व भी विधिवत नहीं सौंपे गए हैं। इसके चलते वित्तीय कार्यों के निष्पादन में परेशानी उत्पन्न हो रही है। इसका सीधा असर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े कर्मियों पर पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले करीब तीन माह से आरबीएसके के चिकित्सकों, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, एएनएम, सहिया-साथी समेत एनएचएम से जुड़े कई कर्मियों का भुगतान लंबित है। दुर्गापूजा जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के सामने होने के कारण कर्मचारियों की चिंता और बढ़ गई है। यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो स्वास्थ्यकर्मियों के बीच असंतोष बढ़ने और आंदोलन की स्थिति बनने से इनकार नहीं किया जा सकता। अब देखना यह है कि विभाग लंबित लेखा-जोखा को कब तक स्पष्ट करता है। कर्मियों के बकाया भुगतान का रास्ता कितनी जल्दी साफ होता है। भुगतान की लंबी फेहरिस्त, त्योहार से पहले बढ़ी चिंता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत राज्य के 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला अस्पतालों का वित्तीय अंकेक्षण पिछले दो वर्षों से लंबित है। अब विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिलों के सिविल सर्जनों को महज दो दिनों में ऑडिट पूरा कराने का निर्देश दिया है। कोल्हान प्रमंडल में जमशेदपुर सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगन्नाथपुर (पश्चिमी सिंहभूम) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायकेला का अंकेक्षण भी लंबे समय से नहीं हुआ है। इससे एनएचएम के तहत संचालित योजनाओं और खर्च की वित्तीय जांच लंबित है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के फाइनेंस निदेशक मोहम्मद गुलफान अहमद ने संबंधित सिविल सर्जनों को निर्देश दिया है कि अगले दो दिनों के भीतर लंबित ऑडिट पूरा कराते हुए इसकी रिपोर्ट 9 सितंबर तक विभाग को उपलब्ध कराएं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सीएचसी सरायकेला में कई योजनाओं और गतिविधियों से जुड़े भुगतान लंबित हैं। इनमें जननी सुरक्षा योजना, फैमिली प्लानिंग, आयुष्मान आरोग्य शिविर, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर एवं एएनएम डाटा एंट्री भुगतान, जेएएस समिति का भुगतान, क्लब मीटिंग, इंसेंटिव 2025-26 एवं 2026-27 तथा एवीडी 2025-26 से संबंधित भुगतान शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, पिछले तीन महीनों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े कर्मचारियों के नियमित भुगतान भी लंबित होने की बात सामने आई है। ऐसे में त्योहार के ठीक पहले भुगतान नहीं होने से कर्मियों में नाराजगी बढ़ रही है। कर्मचारियों का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि जल्द वित्तीय प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो मामला आंदोलन का रूप ले सकता है।
