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चतरा पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे खूंखार नक्सली मनोहर गंझू के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसके घर इश्तहार चिपकाया है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर ढोल-नगाड़ों के साथ की गई, ताकि इलाके में स्पष्ट संदेश जाए। पुलिस के अनुसार, मनोहर गंझू वर्ष 2020 के एक मामले में फरार है। उसकी तलाश लंबे समय से की जा रही थी। चतरा पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल ने साफ कहा है कि यह कार्रवाई उसे सरेंडर करने का अंतिम मौका देने के लिए की गई है। अगर वह जल्द आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो उसके खिलाफ संपत्ति कुर्की की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जवानों की हत्या और लेवी वसूली के आरोप मनोहर गंझू चतरा और लातेहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय रहा है। उस पर कई गंभीर आरोप दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, वह कई पुलिस जवानों की हत्या में शामिल रहा है। क्षेत्र में आतंक फैलाने का काम करता था। इसके अलावा, उसने लेवी वसूली के लिए सड़क निर्माण और अन्य सरकारी विकास कार्यों में लगी गाड़ियों को कई बार आग के हवाले किया। चतरा के विभिन्न थाना क्षेत्रों में उसकी सक्रियता से लंबे समय तक दहशत का माहौल बना रहा। पुलिस ने उसे MCC संगठन का प्रमुख सदस्य बताते हुए अपनी हिट लिस्ट में शीर्ष पर रखा है। सरेंडर नहीं किया तो होगी कुर्की एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि जिले के अधिकांश बड़े नक्सली या तो मारे जा चुके हैं या गिरफ्तार हो चुके हैं। अब केवल मनोहर गंझू ही प्रमुख रूप से बचा है। उसे पकड़ने के लिए पहले भी कई प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब कानूनी प्रक्रिया के तहत इश्तहार चिपकाकर उसे अंतिम चेतावनी दी गई है। पुलिस ने साफ किया है कि अगर वह जल्द सरेंडर नहीं करता है, तो उसकी पूरी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। यह कार्रवाई चतरा को नक्सल मुक्त बनाने के अभियान का अहम हिस्सा है। पुलिस की इस सख्ती से जहां एक ओर बल का मनोबल बढ़ा है, वहीं ग्रामीणों में भी सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई है।


