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बिहार शरीफ नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत महत्वपूर्ण सैरातों की बंदोबस्ती को लेकर पेंच फंसता नजर आ रहा है। कारगिल बस पड़ाव समेत कुल आठ प्रमुख सैरातों की बंदोबस्ती प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है, जिससे निगम के राजस्व संग्रहण पर असर पड़ने की संभावना है। नगर निगम की ओर से इन सैरातों के लिए पिछले माह 11, 12 और 13 मार्च को खुली डाक का आयोजन किया गया था, लेकिन विज्ञापन प्रकाशित होने के बावजूद कोई भी व्यक्ति इस बंदोबस्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ। डाक खाली रह जाने के कारण अब नगर निगम प्रशासन को दोबारा विज्ञापन प्रकाशित करना पड़ा है। प्रशासन ने अब बंदोबस्ती के लिए 27, 28 और 29 अप्रैल की नई तिथियां निर्धारित की हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार होने वाली डाक प्रक्रिया में कितने सैरातों का निस्तारण हो पाता है। सार्वजनिक शौचालय हेतु 61,526 रुपए जिन सैरातों की बंदोबस्ती होनी है, उनमें कारगिल बस पड़ाव के लिए 26,09,513 रुपए, कोसुक मेला के लिए 24,150 रुपए और निबंधन कार्यालय के बगल में स्थित सार्वजनिक शौचालय के लिए 1,85,150 रुपए की राशि निर्धारित है। इसके अतिरिक्त सदर अस्पताल के सामने स्थित सार्वजनिक शौचालय हेतु 61,526 रुपए, सब्जी बाजार कटरापर स्थित शौचालय के लिए 58,650 रुपए, रामचंद्रपुर बस स्टैंड स्थित नवनिर्मित कैफेटेरिया के लिए 1,72,500 रुपए, बाबा मणिराम अखाड़ा स्थित सार्वजनिक शौचालय के लिए 86,250 रुपए, बड़ी दरगाह चेक पोस्ट के निकट डिलक्स शौचालय एवं स्नानागार के लिए 57,500 रुपए का मूल्य तय किया गया है। पिछले साल बंदोबस्ती 56 लाख रुपए में हुई थी दूसरी ओर, शहर में ऑटो और ई-रिक्शा टोल टैक्स की बंदोबस्ती को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस टोल टैक्स की बंदोबस्ती मात्र 28 लाख 50 हजार रुपए में कर दी गई है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले साल यही बंदोबस्ती 56 लाख रुपए में हुई थी। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आधी कीमत पर बंदोबस्ती किए जाने को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान आगामी 27 से 29 अप्रैल को होने वाली आठ सैरातों की खुली डाक पर टिका है।


