मधेपुरा में सोमवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-युवाओं पर पुलिसिया कार्रवाई के विरोध मे
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जिला सचिव स्टालिन यादव के नेतृत्व में छात्र-युवा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च के दौरान AISF के राष्ट्रीय महासचिव दिनेश सीरंगराज समेत अन्य छात्र-युवा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

छात्र नेताओं ने कहा- लाठियों से नहीं दबेगी आवाज
जिला अध्यक्ष वसीमुद्दीन नन्हें ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों के सवालों का जवाब लाठियों से देना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पुलिसिया कार्रवाई से छात्र आंदोलन की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
वहीं, जिला सचिव स्टालिन यादव ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना अपराध नहीं है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे।
ऐसे में उन पर लाठीचार्ज करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि छात्र-युवा अन्याय और दमन के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं ने कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने और छात्र-युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन में आर्यन आनंद, हिमांशु कुमार, जियाउल हक, आरोही आनंद, आदर्श यादव, मनीष यादव समेत बड़ी संख्या में छात्र-युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
