Top 5 This Week

Related Posts

उत्पाद सिपाही नियुक्ति परीक्षा में गड़बड़ी का प्रयास:166 आरोपी भेजे गए जेल, इनमें बिहार से 20 लोग, 10 लाख में डील, 3 लाख एडवांस


उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक कराने के आरोप में गिरफ्तार किए गए 166 आरोपियों को रांची स्थित सिविल कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। इस मामले में पुलिस ने संगठित तरीके से काम कर रहे सॉल्वर गैंग और पेपर लीक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सरगना अतुल वत्स समेत कई अहम किरदारों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए सक्रिय था। झारखंड के साथ बिहार के अभ्यर्थियों की संलिप्तता इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपियों में बड़ी संख्या झारखंड के स्थानीय अभ्यर्थियों की है, लेकिन बिहार के 20 अभ्यर्थी भी इसमें शामिल पाए गए हैं। यह परीक्षा मैट्रिक स्तर की स्थानीय नियुक्ति के लिए आयोजित की गई थी, बावजूद इसके दूसरे राज्य के युवाओं की भागीदारी ने सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों से सबसे अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। इसके अलावा रांची, पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा और अन्य जिलों से भी अभ्यर्थियों को पकड़ा गया है। वहीं बिहार के भोजपुर, बक्सर, पटना, औरंगाबाद, नालंदा समेत कई जिलों के युवक भी इस फर्जीवाड़े में शामिल पाए गए हैं। गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों पर शिकंजा पुलिस ने इस पूरे मामले में कई प्रमुख आरोपियों की पहचान की है, जिनमें पटना के विकास कुमार, जहानाबाद के अतुल वत्स, रामगढ़ (मांडू) के आशीष कुमार और योगेश प्रसाद तथा पूर्वी चंपारण के मुकेश कुमार उर्फ शेर सिंह शामिल हैं। इसके अलावा रांची और आसपास के इलाकों से भी कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर साजिश में शामिल होने का आरोप है। इनमें चिरौंदी के विनोद कुमार, जमशेदपुर के एक निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज के मालिक गौरव सिंह, धुर्वा के रमीज अंसारी और हटिया के इल्फाज खान प्रमुख हैं। पटना से गिरफ्तार चुलबुल यादव को भी रांची लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस लगातार अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। 10 लाख में हुई थी डील, 3 लाख एडवांस लिया गिरोह ने हर अभ्यर्थी से पास कराने के लिए 10-10 लाख रुपए में सौदा किया था। इसके एवज में तीन-तीन लाख रुपए एडवांस लिए गए थे। किसी ने चेक दिया तो किसी ने नकद भुगतान किया। इसके साथ ही अभ्यर्थियों से उनके मूल प्रमाण पत्र भी ले लिए गए थे। डील यह थी कि चयन के बाद पूरी रकम देने पर ही दस्तावेज लौटाए जाएंगे। लग्जरी गाड़ियों से लाए गए थे सभी अभ्यर्थी प्राप्त जानकारी के अनुसार पेपर लीक और सॉल्वर गैंग से जुड़े एजेंटों की भूमिका बड़े पैमाने पर थी। गिरोह के सरगना अतुल वत्स से जुड़े लोगों ने अभ्यर्थियों को तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज तक पहुंचाने के लिए कई लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल किया। इनमें स्विफ्ट कार, फोर्स कंपनी की दो सवारी गाड़ियां, हुंडई की कार, स्कॉर्पियो और एमजी हेक्टर शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी वाहनों को जब्त कर लिया है। तमाड़ थाना प्रभारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आगे की कार्रवाई जारी है।

Spread the love

Popular Articles